राजधानी चौपाल, नई दिल्ली (UPI Payment News) : आज के समय में UPI से पेमेंट करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगने की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास होने के बाद सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की चर्चा शुरू हो गई।
लेकिन सरकार ने इस मामले में स्थिति साफ करते हुए कहा है कि आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट मुफ्त ही रहेगा। यानी किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
UPI से पैसे भेजने पर नहीं लगेगा चार्ज
वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। इसका मतलब है कि अगर आप अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजते हैं तो इसके लिए आपको अलग से कोई फीस नहीं देनी होगी।
यानी आम लोगों के लिए UPI इस्तेमाल करने की मौजूदा व्यवस्था में कोई सीधा बदलाव नहीं किया गया है।
फिर चार्ज की चर्चा क्यों शुरू हुई?
विवाद की शुरुआत UPI के जरिए होने वाले कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन को लेकर हुई है। बिल में पेमेंट सिस्टम से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रावधान है। इसी के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या आगे चलकर UPI पेमेंट पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाया जा सकता है।
सरकार के स्पष्टीकरण के मुताबिक, अगर भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो यह सभी UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा। इसे केवल निर्धारित सीमा से अधिक वाले कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित रखा जा सकता है।
रोजमर्रा की खरीदारी पर क्या होगा असर?
सरकार की मौजूदा जानकारी के अनुसार आम लोगों द्वारा किए जाने वाले छोटे-मोटे पेमेंट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
दूध, सब्जी, किराना, ऑटो या टैक्सी जैसी रोजमर्रा की सेवाओं के भुगतान पर इसका सीधा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। खासकर छोटे UPI पेमेंट को मुफ्त रखने की बात सरकार ने स्पष्ट की है।
2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज की बात क्यों?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भविष्य में 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ बिजनेस ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जा सकता है। इसके लिए 0.25 से 0.40 प्रतिशत तक की दर की चर्चा सामने आई है।
हालांकि, इसे आम UPI यूजर्स पर लगने वाला तय चार्ज नहीं समझना चाहिए। MDR लागू करना है या नहीं और इसकी सीमा क्या होगी, इस पर संबंधित व्यवस्था के तहत फैसला लिया जाना है।
कौन तय करेगा MDR लागू होगा या नहीं?
सरकार के अनुसार UPI और पेमेंट सिस्टम से जुड़ी स्टीयरिंग कमिटी इस विषय पर फैसला ले सकती है। इसके तहत यह तय किया जाएगा कि MDR की जरूरत है या नहीं और अगर लागू किया जाता है तो किन ट्रांजैक्शन पर इसे लगाया जाएगा।
इसलिए अभी से यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर UPI पेमेंट पर चार्ज लगने वाला है।
सरकार ने अफवाहों पर क्या कहा?
सरकार ने साफ किया है कि कानून में प्रस्तावित बदलाव को कुछ लोगों ने गलत तरीके से आम UPI यूजर्स पर शुल्क लगाने की योजना के रूप में समझ लिया।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य UPI सिस्टम को लंबे समय तक मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना है। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और डिजिटल पेमेंट के बुनियादी ढांचे पर लगातार खर्च बढ़ रहा है।
आम UPI यूजर के लिए क्या है राहत की खबर?
सीधी भाषा में समझें तो अभी आपको UPI से पैसे भेजने पर कोई चार्ज नहीं देना है। व्यक्ति से व्यक्ति को होने वाले UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।
भविष्य में यदि किसी खास श्रेणी के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जाता है, तो उसका असर आम लोगों के हर UPI पेमेंट पर नहीं पड़ेगा।
निष्कर्ष
UPI चार्ज को लेकर सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने आम यूजर्स को राहत दी है। UPI को सभी लोगों के लिए शुल्क वाला बनाने का फैसला नहीं किया गया है। इसलिए सामान्य तौर पर मोबाइल से UPI के जरिए पैसे भेजने वाले लोगों को फिलहाल किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता करने की जरूरत नहीं है।