राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। दातासिंहवाला बार्डर से आगे पंजाब की तरफ रविवार से धरने पर बैठे किसानों ने चार सितंबर तक पद यात्रा स्थगित कर दी। बुधवार को नरवाना एसडीएम जगदीश चंद्र ने किसान नेताओं के साथ बैठक की। जिसमें आश्वासन दिया गया कि चार सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के साथ उनकी बैठक करवाई जाएगी।
जिसके बाद किसान नेताओं ने बुधवार का बार्डर के पास प्रस्तावित प्रदर्शन भी टाल दिया और धरना समाप्त कर दिया। 16 अगस्त से दातासिंहवाला बार्डर से शुरू होने वाली किसान बचाओ पदयात्रा को हरियाणा सरकार द्वारा रोके जाने का बुधवार को चौथा दिन था। मंगलवार की शाम को हरियाणा सरकार की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) को बातचीत का प्रस्ताव आया।
बुधवार को हुई मीटिंग में सिरे चढ़ी बात
इसके बाद बुधवार को सुबह संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधिमंडल में शामिल काका सिंह खोटरा, सुखदेव सिंह भोजराज, सोनवीर सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, गुलाब सिंह राजपूत, इंद्रजीत सिंह पन्नीवाला ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान एसडीएम जगदीश चंद्र, डीएसपी कमलदीप राणा ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें संदेश आया है, चार सितंबर को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बैठक करना चाहते हैं।
इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किसान बचाओ पदयात्रा के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल से विचार-विमर्श किया। जिसमें फैसला लिया, किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल चार सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बैठक करेगा।
अब किसानों ने चार सितंबर तक किसान बचाओ पदयात्रा को स्थगित कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि यदि चार सितंबर की बैठक में सकारात्मक नतीजा निकलता है, तो वह स्वागत योग्य होगा। अन्यथा संयुक्त किसान मोर्चा बैठक करके आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करेगा।
वाहनों का आवागमन हुआ शुरू
किसान बचाओ पदयात्रा को स्थगित किए जाने पर हरियाणा प्रशासन द्वारा बार्डर पर बैरिकेड्स हटाने की बात कही गई। जैसे ही किसान धरना उठाकर वहां से चले गए, त्यों ही हरियाणा प्रशासन द्वारा बैरिकेड्स हटाने का काम शुरू कर दिया गया। दोपहर बाद चार बजे तक दोनों तरफ का रास्तों से बैरिकेड्स हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया था। इससे वाहन चालकों को काफी राहत मिली।
पहले मुख्यमंत्री से बैठक करवाने का मिला था प्रस्ताव, किसानों ने नहीं माना
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि उनके सामने बात आई थी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक करवा दें। मुख्यमंत्री उनके लिए आदरणीय हैं, उनकी उच्च पदवी है। लेकिन पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु के किसान उनकी बात कैसे मानेंगे। इसलिए उनके द्वारा अपील की गई थी कि केंद्र के किसी मंत्री के साथ बातचीत होनी चाहिए।
मंगलवार शाम को उनके पास फोन आया कि प्रशासनिक अधिकारी उनके साथ बातचीत करना चाहते हैं। बुधवार सुबह किसानों का प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मिला। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऊपर बात हो, किसानों की बात सुनें। एमएसपी की बातचीत को लगातार क्यों नहीं रखा गया।
51 किसानों के साथ दिल्ली जाना जा रहे थे, लेकिन उनको यहीं रोक दिया गया। लगातार वह चार दिन से यहीं बैठें रहे, शांतिप्रिय ढंग से, सड़क जाम नहीं की। जितने किसान पहले थे, उतने ही आज हैं। सरकार को किसानों पर विश्वास नहीं है, उनसे डर रहे हैं।
हरियाणा प्रशासन कहता है, दिल्ली न जाओ, तो दिल्ली वाले यहां आकर बात करें। सरकार को अपनी घबराहट दूर करनी चाहिए। 20 अगस्त को जिलास्तर पर पुतले फूंकने का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।