राजधानी चौपाल, जींद : राजस्व विभाग के नए पोर्टल में आ रही तकनीकी (Haryana news) समस्याओं व डिजिटल फसल सर्वेक्षण की खामियों के विरोध में राजस्व पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने वीरवार सुबह दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर 21 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो एसोसिएशन आगे बड़ा फैसला लेने को मजबूर होगी। हालांकि वीरवार को तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री हुई। जिन लोगों ने पहले रजिस्ट्री के लिए आवेदन किए हुए थे, उनकी रजिस्ट्री हो रही है। जो अब रजिस्ट्री के लिए फाइल तैयार करेंगे, उनको हड़ताल से दिक्कत होगी।
वीरवार को पटवार भवन में जिलेभर के 205 पटवारी व कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सर्वेश पटवारी व सचिव विकास पटवारी की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि जमाबंदी और इंतकाल के लिए बनाए गए नए पोर्टल में रिकार्ड संबंधी अनियमितताएं व तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण राजस्व कर्मचारियों की परेशानी के साथ-साथ आमजन भी तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
Haryana news : इन मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे पटवारी
राज्य कोषाध्यक्ष सन्नी पटवारी ने कहा कि राजस्व विभाग में ई-गिरदावरी के साथ-साथ डिजिटल फसल सर्वेक्षण भी करवाया जाना है। इस सर्वेक्षण के लिए कर्मचारियों को टैब उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। सर्वेक्षण के लिए 20 मीटर की रेंज फोटो के लिए तय की गई है जो पूरी तरह अव्यावहारिक है।
एसोसिएशन की मांगों में नए पोर्टल की सभी समस्याओं का 21 अगस्त तक समाधान करना, आटो म्यूटेशन में गलत इंतकाल दर्ज होने पर आइटी विभाग की कानूनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करना, तहसीलों में आनलाइन कार्य के लिए कंप्यूटर सिस्टम व सर्वेक्षण के लिए टैब उपलब्ध कराना, डिजिटल फसल सर्वेक्षण को निजी एजेंसी से कराना शामिल हैं।
पटवारियों की हड़ताल के चलते जिलेभर में रजिस्ट्री, इंतकाल, रिहायशी प्रमाण पत्र और गिरदावरी का काम प्रभावित हुआ। एसोसिएशन ने दावा किया, हड़ताल के चलते जिलेभर में 600 से अधिक रजिस्ट्री, दो से ढाई हजार इंतकाल, लगभग साढ़े तीन हजार डोमिसाइल और गिरदावरी का काम प्रभावित रहा।
Haryana news : क्यों विरोध कर रहे हैं पटवारी
प्रदेश में डीसीएस यानि डिजिटल क्राप सर्वे शुरू हो चुका है। जिसमें पटवारी को खेत में जाकर सर्वे करना है। फसल के सेल्फी लेकर पोर्टल पर अपलोड करनी है। ये काम करीब एक माह में पूरा करना है। लेकिन जिले में अब तक पटवारियों ने डिजिटल क्राप सर्वे शुरू नहीं हुआ है।
जमाबंदी व इंतकाल के लिए जो नया साफ्टवेयर बनाया गया। उसमें पटवारी को आपरेटर से इंतकाल दर्ज करवाना था। पटवारी के पास ओटीपी आता था। उसके बाद आपरेटर इंतकाल दर्ज करता था। हालांकि पिछले दिनों इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। तहसील स्तर के पटवारी, हलका पटवारी और लैंड रिकार्ड आपरेटर तीनों इंतकाल कर सकते हैं। जिले में करीब 8500 इंतकाल लंबित थे। जिनमें से करीब तीन हजार इंतकाल आटो म्यूटेशन सिस्टम से दर्ज हो गए। वहीं पांच हजार से ज्यादा लंबित हैं। जिनको पटवारियों ने ही दर्ज करवाना है।
Haryana news : नक्शा लेने आया था
जमीन का नक्शा लेने गांव से आया था। यहां आकर पता चला कि पटवारियों की हड़ताल है। कार्यालयों पर ताले लगे हुए हैं। पहले हड़ताल की कोई सूचना नहीं थी। अगर हड़ताल का पता होता तो शहर नहीं आता। अब खाली हाथ वापस जाना होगा। पटवारियों की हड़ताल से आमजन को परेशानी होती है। अगर पटवारी व कानूनगो हड़ताल पर रहते हैं तो लोगों की सुविधा के लिए अन्य वैकल्पिक सुविधा की जानी चाहिए।
--हिमांशु, निर्जन निवासी।
इंतकाल लेने आया था
एक्सिस बैंक में कार्यरत हूं। एक केस में इंतकाल लेने पटवार भवन आया था। यहां पटवारी हड़ताल पर बैठे हैं। अब बैंक वापस जाना होगा और हड़ताल खत्म होने के बाद ही काम हो पाएगा। पटवारी व कानूनगो की हड़ताल से रजिस्ट्री, इंतकाल, डोमिसाइल जैसे काम बाधित होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र से काफी लोग शहर आते हैं। पटवारियों की हड़ताल के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
--रविंद्र।
प्लाट की रजिस्ट्री के लिए इंतकाल को लेकर गांव से शहर आया था। पटवारियों की हड़ताल के कारण अब खाली हाथ लौटना हाेगा। पटवारियों की हड़ताल के चलते काम प्रभावित हो गया है। जब इनकी हड़ताल खत्म होगी तो इंतकाल के लिए दोबारा से शहर आना होगा। यहां आकर पता चला कि पटवारी व कानूनगो दो दिन की हड़ताल पर हैं।
--रितेश ढुल, पोंकरीखेड़ी निवासी