राजधानी चौपाल, हरियाणा। हरियाणा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिजली के बढ़ते बिल से राहत देने के लिए सरकार बीपीएल परिवारों के लिए (Rooftop Solar Panel Scheme) नई पहल करने जा रही है। योजना के तहत पात्र बीपीएल परिवारों को घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने में आर्थिक सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि सब्सिडी मिलने के बाद बचने वाली रकम का बोझ भी परिवारों पर नहीं पड़ेगा।
सब्सिडी के बाद बची रकम भी सरकार देगी
बीपीएल परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने की योजना को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ा जा रहा है। 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
इसके अलावा हरियाणा सरकार की प्रस्तावित सहायता से लाभार्थी को अपनी जेब से अतिरिक्त रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बीपीएल परिवार के घर पर सोलर सिस्टम लगाने की कुल लागत करीब 1.30 लाख रुपये आती है और केंद्र व राज्य की सहायता के बाद करीब 20 हजार रुपये बाकी रह जाते हैं, तो इस राशि को भी प्रदेश सरकार वहन करने की तैयारी में है।
सरकार इस रकम की वसूली लाभार्थी से आसान किस्तों में कर सकती है, जिससे एकमुश्त भुगतान का दबाव नहीं रहेगा।
सरकारी कर्मचारियों को भी मिल सकता है फायदा
प्रस्तावित योजना का लाभ केवल बीपीएल परिवारों तक सीमित नहीं रहने वाला है। नियमित बिजली उपभोक्ताओं और सरकारी कर्मचारियों को भी आसान किस्तों पर सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि 5 किलोवाट तक के लोड वाले नियमित बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी इस तरह की सुविधा पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना है।
सोलर पंप में सिरसा, रूफटॉप सोलर में जींद आगे
हरियाणा में सौर ऊर्जा से जुड़े अलग-अलग प्रोजेक्ट में जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो सिरसा कृषि क्षेत्र में सोलर पंप लगाने के मामले में सबसे आगे बताया गया है। जिले में सोलर पंपों की कुल क्षमता करीब 1,24,640 किलोवाट बताई गई है।
वहीं घरों और अन्य भवनों पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के मामले में जींद जिला करीब 628 किलोवाट क्षमता के साथ आगे है।
इसके अलावा सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने में भिवानी जिला करीब 340 किलोवाट क्षमता के साथ शीर्ष पर बताया गया है।
बैंक लोन के बिना सोलर सिस्टम लगाने की तैयारी
योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पात्र बीपीएल परिवारों को सोलर पैनल लगवाने के लिए बैंक से बड़ा कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार सब्सिडी के साथ बची राशि को भी अपने स्तर पर वहन करने की व्यवस्था तैयार कर रही है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अनुसार, बीपीएल परिवारों और कर्मचारियों को सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। सब्सिडी के बाद बची रकम को आसान किस्तों में लेने का विकल्प रखा जा सकता है।
बिजली बिल में मिलेगी राहत
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने के बाद परिवारों को अपनी बिजली जरूरत का एक हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे लंबे समय में बिजली खर्च कम होने की उम्मीद है। सरकार की यह पहल सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने के साथ-साथ आम परिवारों को बिजली के बढ़ते खर्च से राहत देने में भी अहम साबित हो सकती है।
योजना की औपचारिक लॉन्चिंग और पात्रता से जुड़ी अंतिम शर्तें सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगी।