राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। अगर आप बार-बार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी (Traffic rule update : ) करते हैं, तो आने वाले समय में केवल चालान भर देने से बात नहीं बनेगी। केंद्र सरकार मोटर वाहन कानून (Motor Vehicles Act) में ऐसे बदलाव की तैयारी कर रही है, जिससे लगातार नियम तोड़ने वाले चालकों पर सीधी और सख्त कार्रवाई हो सके। प्रस्तावित बदलावों के तहत बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित किया जा सकता है और उसे दोबारा चालू कराने के लिए नया ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि देश में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। सरकार पहले ही ई-चालान व्यवस्था लागू कर चुकी है, लेकिन कई वाहन चालक लगातार नियम तोड़ते रहते हैं और लंबित चालानों को भी गंभीरता से नहीं लेते।
करीब दो साल तक राज्यों के साथ चर्चा और मंत्रियों के समूह की सहमति के बाद अब कानून में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अगले चरण में इसे विधेयक के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
Traffic rule update : बार-बार नियम तोड़े तो क्या होगा?
प्रस्ताव के अनुसार, वाहन पोर्टल पर दर्ज ट्रैफिक उल्लंघनों और ई-चालान का रिकॉर्ड आधार बनेगा। यदि कोई चालक बार-बार नियम तोड़ता पाया जाता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। इसके बाद लाइसेंस का नवीनीकरण सामान्य प्रक्रिया से नहीं होगा। चालक को सरकार से अधिकृत ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर दोबारा ड्राइविंग टेस्ट पास करना होगा। टेस्ट में सफल होने के बाद ही लाइसेंस दोबारा वैध किया जा सकेगा।
Traffic rule update : केवल लाइसेंस ही नहीं, वाहन पर भी पड़ सकता है असर
प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि गंभीर या लगातार उल्लंघन करने वाले वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है, ताकि नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
सरकार की योजना केवल लाइसेंस तक सीमित नहीं है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि भविष्य में वाहन की चालान हिस्ट्री और उम्र के आधार पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने की व्यवस्था फिर से लागू की जा सकती है। यानी जितने अधिक ट्रैफिक उल्लंघन, उतना अधिक बीमा प्रीमियम भरना पड़ सकता है।
Traffic rule update : दुर्घटना पीड़ितों को जल्दी मिलेगा मुआवजा
संशोधन प्रस्ताव में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) को भी अधिक अधिकार देने की बात कही गई है। इससे सड़क दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिवारों को अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना अंतरिम मुआवजा मिल सकेगा।
फिलहाल यह प्रस्तावित संशोधन है। इसे लागू करने से पहले विधेयक तैयार होगा, फिर संसद की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही नए नियम प्रभावी होंगे। यह भी तय किया जाएगा कि कितनी बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस निलंबित होगा और किन उल्लंघनों को गंभीर श्रेणी में रखा जाएगा।