NEET के दिन टूटा डॉक्टर बनने का सपना: हिसार की छात्रा ने दी जान, हरियाणा में 65 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

NEET के दिन टूटा डॉक्टर बनने का सपना: हिसार की छात्रा ने दी जान, हरियाणा में  65 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

राजधानी चौपाल, हिसार।  हरियाणा में रविवार को आयोजित NEET परीक्षा के बीच एक ओर जहां 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, वहीं हिसार जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई। परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले 19 वर्षीय छात्रा सिमरन ने कथित रूप से कीटनाशक निगलकर आत्महत्या कर ली।

परिजनों का कहना है कि वह हाल ही में हुए परीक्षा विवाद और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव से परेशान थी। प्रदेश के 19 जिलों में बनाए गए 175 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई। सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा के बाद अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स के प्रश्नपत्र को चुनौतीपूर्ण बताया, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही।

Neet Exam : फिजिक्स ने बढ़ाई चिंता, बायोलॉजी रही राहत

फतेहाबाद के अभ्यर्थी अंश बत्रा ने बताया कि फिजिक्स सेक्शन उम्मीद से ज्यादा कठिन था। कई प्रश्न अवधारणात्मक और समय लेने वाले थे। वहीं बायोलॉजी के प्रश्न सीधे और पाठ्यक्रम आधारित रहे। एक अन्य अभ्यर्थी कार्तिक ने कहा कि फिजिक्स के साथ-साथ केमिस्ट्री का स्तर भी कठिन था, जिससे समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया।

सिरसा जिले के मंडी डबवाली से परीक्षा देने पहुंची मान्यता सिदाना ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं विद्यार्थियों पर गहरा मानसिक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे प्लेटफॉर्म और माध्यमों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए, जिनके जरिए परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका रहती है।

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Neet Exam update : हिसार में परीक्षा से पहले छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम

हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी खान बहादुर निवासी सिमरन मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती थी। वह राजस्थान के सीकर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी और इससे पहले दो बार परीक्षा दे चुकी थी। पहली बार सफलता नहीं मिली, जबकि दूसरी बार परीक्षा प्रक्रिया विवादों में घिर गई थी।

सिमरन के पिता रोहताश, जो हैफेड में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि बेटी पूरी मेहनत से तैयारी कर रही थी। परीक्षा से एक रात पहले भी वह देर तक पढ़ाई करती रही और रविवार सुबह सामान्य दिखाई दे रही थी। उसने परिवार को बताया था कि वह निर्धारित समय पर परीक्षा देने जाएगी।

सुबह करीब 10 बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजन पहले स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने घर में रखा कीटनाशक पी लिया है। इसके बाद उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि सिमरन ऐसा कदम उठा सकती है। उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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सेंटर की गड़बड़ी से परीक्षा से चूकी अभ्यर्थी

महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में परीक्षा प्रबंधन की एक बड़ी चूक भी सामने आई। कोमल नामक अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर मारोली गांव के जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र दर्शाया गया था, वहां कोई परीक्षा केंद्र संचालित ही नहीं हो रहा था।

सही केंद्र की तलाश में वह करीब डेढ़ घंटे तक भटकती रही। पुलिसकर्मियों ने भी उसकी मदद की, लेकिन निर्धारित समय निकल जाने के कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। इस घटना ने परीक्षा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ड्रेस कोड और सुरक्षा जांच को लेकर भी चर्चा

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। सिरसा में एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले चप्पल उतारनी पड़ी। गुरुग्राम में एक छात्रा के हाथ में बंधा कलावा हटवाया गया, जबकि सोनीपत में एक छात्रा को हेयर बैंड निकालकर खुले बालों में परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।

सोनीपत में एक अन्य छात्रा गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गई थी। बाद में उसे सही केंद्र पर भेजा गया, जिससे उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रोडवेज हेल्प डेस्क से मिली सहायता

अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रदेशभर के प्रमुख रोडवेज बस स्टैंडों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए थे। यहां विद्यार्थियों को बस रूट, ऑटो सुविधा और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री को सीआरपीएफ की निगरानी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर GPS आधारित निगरानी रखी गई और उनके साथ पुलिस सुरक्षा भी तैनात रही।

CCTV और ड्रोन निगरानी के बीच हुई परीक्षा

नकल और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्र CCTV कैमरों की निगरानी में रखे गए। कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की गई। परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानें और कोचिंग संस्थान बंद रखे गए। साथ ही ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई, लेकिन हिसार की छात्रा की मौत और कुछ स्थानों पर सामने आई व्यवस्थागत खामियों ने परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Rahul Hindustani

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राहुल हिंदुस्तानी हरियाणा की पत्रकारिता में सक्रिय एक निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं। वे साप्ताहिक समाचार पत्र “राजधानी चौपाल” के संपादक एवं स्वामी हैं, जिसके माध्यम से वे आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों में सक्रिय राहुल हिंदुस्तानी जमीनी मुद्दों, प्रशासनिक मामलों और राजनीतिक गतिविधियों पर सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता की पहचान है—तथ्य आधारित खबरें, बेबाक अंदाज और जनहित को प्राथमिकता। “राजधानी चौपाल” आज एक भरोसेमंद उभरता हुआ मंच बन चुका है, जो स्थानीय खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ लोगों तक पहुँचाता है।

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