राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ सिर्फ तेज धूप और लू ही नहीं लाता, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ावा देता है। इन्हीं में से एक है मुंह में होने वाले दर्दनाक छाले (Mouth Ulcers), जिनकी शिकायत इन दिनों तेजी से बढ़ रही है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें जीभ, मसूड़ों या होंठों के अंदर सफेद या पीले रंग के घावों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी, पेट की गर्मी, खराब खानपान और जरूरी पोषक तत्वों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। हालांकि समय रहते सावधानी बरती जाए तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
Mouth Ulcers Alert : गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है छालों की समस्या?
ग्रेटर नोएडा के शारदा हॉस्पिटल में आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार, गर्मियों में अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी और आवश्यक मिनरल्स की कमी होने लगती है। जब शरीर पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट नहीं रहता, तो मुंह की अंदरूनी परत सूखने और क्षतिग्रस्त होने लगती है, जिससे छाले बनने का खतरा बढ़ जाता है।
Mouth Ulcers Alert : इसके अलावा कई अन्य कारण भी इस समस्या को जन्म देते हैं—
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
- विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड की कमी
- अधिक मसालेदार और तला-भुना भोजन
- कब्ज और पाचन संबंधी गड़बड़ी
- अत्यधिक चाय, कॉफी और जंक फूड का सेवन
- तनाव और पर्याप्त नींद का अभाव
- कमजोर इम्यूनिटी
विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार होने वाले छाले अक्सर शरीर के भीतर किसी पोषण संबंधी कमी का संकेत भी हो सकते हैं।
Mouth Ulcers Alert : इन लक्षणों को हल्के में न लें
मुंह के छाले शुरुआत में छोटे दिखाई देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे काफी दर्दनाक हो सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षण हैं—
- मुंह के अंदर सफेद या पीले रंग के घाव
- घाव के आसपास लालपन और सूजन
- खाना खाते समय जलन और दर्द
- खट्टा या मसालेदार भोजन खाने पर परेशानी
- बोलने और पानी पीने में तकलीफ
- मुंह में लगातार चुभन या जलन महसूस होना
यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
Mouth Ulcers Alert : छालों से राहत दिला सकते हैं ये घरेलू उपाय
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपाय छालों के दर्द को कम करने और घाव भरने में मदद कर सकते हैं।
1. नारियल पानी का सेवन
नारियल पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है। नियमित सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है।
2. ठंडी छाछ पिएं
छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट की गर्मी कम करने में मदद करते हैं।
3. तुलसी की पत्तियां चबाएं
सुबह और शाम 4-5 तुलसी की पत्तियां चबाने से मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया कम होते हैं और घाव जल्दी भरने लगते हैं।
4. शहद और एलोवेरा जेल लगाएं
शहद और एलोवेरा दोनों में एंटी-बैक्टीरियल एवं एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
5. देसी घी का प्रयोग
रात को सोने से पहले छाले पर थोड़ा देसी घी लगाने से मुंह की त्वचा को नमी मिलती है और जलन कम होती है।
6. नमक के पानी से गरारे
हल्के गुनगुने पानी में नमक मिलाकर कुल्ला करने से संक्रमण का खतरा कम होता है और घाव की सफाई बनी रहती है।
7. मुलेठी का उपयोग
मुलेठी के पानी से कुल्ला करना भी एक पारंपरिक और प्रभावी उपाय माना जाता है, जो छालों की जलन को कम कर सकता है।
बचाव के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
- दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं।
- मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं।
- मसालेदार और अत्यधिक तैलीय भोजन से दूरी बनाएं।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।
- तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से बचें।
- नियमित रूप से मुंह और दांतों की साफ-सफाई रखें।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
सामान्य तौर पर मुंह के छाले 7 से 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि—
- छाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें,
- बार-बार निकल रहे हों,
- उनका आकार लगातार बढ़ रहा हो,
- तेज बुखार के साथ दिखाई दें,
- दर्द के कारण खाना-पीना मुश्किल हो जाए,
तो यह किसी गंभीर संक्रमण, पोषण की कमी या अन्य बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करवाना जरूरी है। मुंह के छाले भले ही एक सामान्य समस्या लगें, लेकिन लगातार नजरअंदाज करने पर यह बड़ी परेशानी का कारण बन सकते हैं। गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन लेना और सही जीवनशैली अपनाना इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि छाले बार-बार हो रहे हैं या लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।