राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार वृद्धावस्था सम्मन भत्ता (Budhapa Pension) में वेरिफिकेशन की खातिर परिवार पहचान पत्र (PPP) में जन्मतिथि सत्यापन को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नए प्रस्ताव के तहत जिन परिवारों के पास बच्चों की जन्मतिथि साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज़ नहीं हैं, उन्हें अब राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ऐसे मामलों में बच्चों की उम्र का सत्यापन आधार (Aadhaar) के माध्यम से करने की व्यवस्था विकसित कर रही है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ उन हजारों बुजुर्गों को मिलेगा, जिनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल परिवार पहचान पत्र में बच्चों की जन्मतिथि सत्यापित न होने के कारण प्रभावित हो रही है।
दरअसल प्रदेशभर में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जहां 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग पेंशन के पात्र हैं, लेकिन उनके परिवार में दर्ज बेटे या बेटी की जन्मतिथि का सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में परिवार पहचान पत्र अपडेट नहीं हो पा रहा, जिससे पेंशन स्वीकृति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है, जहां कई लोगों का जन्म स्कूल रिकॉर्ड, अस्पताल या जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं है।
Budhapa Pension : आधार बनेगा जन्मतिथि सत्यापन का विकल्प
सरकार अब तकनीकी स्तर पर ऐसी व्यवस्था तैयार कर रही है, जिसमें परिवार पहचान पत्र में दर्ज बच्चों की उम्र का मिलान आधार के रिकॉर्ड से किया जा सके। यदि आधार में उपलब्ध जानकारी सही पाई जाती है, तो उसे सत्यापन का आधार माना जाएगा। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो केवल दस्तावेज़ों के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
Budhapa Pension : पेंशन नहीं होगी बंद
सरकारी स्तर पर इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि जब तक जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक पात्र बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की जाएगी। यानी तकनीकी या दस्तावेज़ी कमी का खामियाजा सीधे बुजुर्गों को नहीं भुगतना पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था केवल पात्र लोगों को राहत देने के लिए होगी। इसके साथ ही रिकॉर्ड की मजबूती और फर्जी दावों पर रोक लगाने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली भी मजबूत की जाएगी। इससे भविष्य में बार-बार दस्तावेज़ जमा कराने की जरूरत कम होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सही व्यक्ति तक पहुंचेगा।
Budhapa pension : हजारों बुजुर्गों को होगा फायदा
कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट विरेंद्र जेपी सिंह का कहना है कि यदि आधार पर आधारित सत्यापन को स्पष्ट दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रक्रिया के तहत लागू किया जाता है तो इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना और नियमों के बाद ही प्रभावी होगा।
सरकार के इस नए प्रस्ताव से उन्हें फायदा होगा, जिन परिवारों के पास बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। जिनका PPP जन्मतिथि सत्यापन के कारण लंबित है। इसके अलावा उन्हें भी इस प्रस्ताव से राहत मिलेगी, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे परिवार जिनके सरकारी रिकॉर्ड अधूरे हैं। दरअसल सरकार का लक्ष्य परिवार पहचान पत्र को अधिक सटीक, पारदर्शी और डिजिटल रूप से मजबूत बनाना है, ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक बाधा के पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।