राजधानी चौपाल : हरियाणा के कैथल (Kaithal) जिले का प्रेमपुरा गांव आज ग्रामीण विकास, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जिसकी चर्चा जिले ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। लगभग 2500 की आबादी वाले इस गांव की पहचान अब केवल एक सामान्य गांव के रूप में नहीं, बल्कि अपराध मुक्त, नशा मुक्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श ग्राम के रूप में होने लगी है।
इस बदलाव के केंद्र में हैं गांव की शिक्षित महिला सरपंच परविंद्र कौर, जिन्होंने अपने पति सतनाम सिंह के साथ मिलकर गांव के विकास के लिए ऐसा उदाहरण पेश किया है जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बन सकता है। इंग्लैंड में रह चुके इस दंपती ने पिछले पांच वर्षों में अपने निजी कोष से करीब एक करोड़ रुपये गांव और सामाजिक कार्यों पर खर्च किए हैं।
Kaithal : विदेश छोड़ गांव के विकास का चुना रास्ता
एमए शिक्षित परविंद्र कौर अपने पति के साथ इंग्लैंड में रहती थीं। हालांकि उनके मन में हमेशा अपने गांव के लिए कुछ करने की इच्छा थी। इसी सोच के साथ वह वापस प्रेमपुरा लौटीं और पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सरपंच चुना। इसके बाद गांव में विकास की ऐसी श्रृंखला शुरू हुई जिसने प्रेमपुरा की तस्वीर ही बदल दी। उनके कार्यों को देखते हुए जिला प्रशासन भी उन्हें दो बार सम्मानित कर चुका है।

Kaithal : महिलाओं की सुरक्षा के लिए 28 CCTV कैमरे
गांव में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। पूरे गांव में 28 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। रात के समय सुरक्षा के लिए एक गार्ड भी तैनात किया गया है। गांव में जल्द ही बेटियों और युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
Kaithal : गांव में नहीं दिखता कचरा, स्वच्छता बनी पहचान
प्रेमपुरा की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसकी स्वच्छता शामिल है। गांव की गलियां और नालियां साफ-सुथरी दिखाई देती हैं। कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए डंपिंग प्लांट स्थापित किया गया है। सड़कों के दोनों ओर हरियाली विकसित की गई है और जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों में विशेष जागरूकता है। पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए पानी की सप्लाई लाइन पर टोंटियां लगाई गई हैं।
Kaithal : पार्क, ओपन जिम और मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा
गांव में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए पार्क और ओपन जिम का निर्माण कराया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरपंच ने अपने निजी धन से 18 लाख रुपये खर्च कर एंबुलेंस खरीदी, जिसका लाभ आसपास के लगभग 10 गांवों के लोग भी निशुल्क उठा रहे हैं। समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जाते हैं, जिनमें आसपास के गांवों के लोग भी भाग लेते हैं।
Kaithal : निजी धन से किए करोड़ों के विकास कार्य
- परविंद्र कौर और उनके परिवार ने गांव के विकास और सामाजिक कार्यों पर बड़ी राशि खर्च की है।
- 50 लाख रुपये से भव्य मुख्य द्वार का निर्माण
- 18 लाख रुपये से एंबुलेंस की खरीद
- 25 लाख रुपये जरूरतमंद परिवारों, गरीब बेटियों के विवाह और मकान निर्माण पर खर्च
- 5 लाख रुपये से पार्क का निर्माण
- 1.50 लाख रुपये से सरकारी स्कूल का सौंदर्यीकरण
- 5 लाख रुपये जरूरतमंद लोगों की आंखों के ऑपरेशन पर खर्च
Kaithal : इस गांव 8 साल से नहीं हुई कोई FIR, नशा पूरी तरह बंद
प्रेमपुरा की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी सामाजिक एकता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले आठ वर्षों से किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। छोटे-मोटे विवाद भी आपसी भाईचारे और पंचायत स्तर पर सुलझा लिए जाते हैं। गांव में नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप यहां नशे की समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है।
Kaithal : NRI गांव के रूप में भी पहचान
प्रेमपुरा को "एनआरआई गांव" के नाम से भी जाना जाता है। करीब 1100 मतदाताओं वाले इस गांव के लगभग 300 लोग विदेशों में रहते हैं। खास बात यह है कि पंचायत चुनाव और सामाजिक आयोजनों में भाग लेने के लिए अधिकांश प्रवासी ग्रामीण अपने गांव जरूर पहुंचते हैं।