हरियाणा रोडवेज का कोई भी कर्मचारी व अधिकारी बिना टिकट एसी बस में सफर नहीं कर पाएगा। इसे लेकर परिवहन विभाग के मुख्यालय ने सभी डिपो के महाप्रबंधकों के नाम लैटर जारी करते हुए सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रदेश भर में 500 के करीब एसी बसें हैं। जींद की बात करें तो जींद डिपो में इस समय 10 एसी बस हैं, जो गुरुग्राम व चंडीगढ़ जैसे रूटों पर चल रही है। एसी बसों में साधारण रोडवेज बसों की अपेक्षा भी किराया ज्यादा होता है। रोडवेज मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में महाप्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य परिवहन हरियाणा का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी बिना टिकट के एसी बसों में यात्रा नहीं करेगा।
कार्यालय के संज्ञान में आया है कि अभी भी राज्य परिवहन हरियाणा के अधिकारी-कर्मचारी इन बसों में बिना टिकट लिए यात्रा कर रहे हैं, जो मुख्यालय के निर्देशों का उल्लंघन है। इसलिए आपको दोबारा निर्देश दिए जाते हैं कि राज्य परिवहन हरियाणा की एसी बसों में रियायती या निशुल्क श्रेणी को छोड़कर अन्य कोई को भी हरियाणा रोडवेज का अधिकारी या कर्मचारी मुफ्त यात्रा का पात्र नहीं है।
Haryana Roadways : अगर बिना टिकट यात्रा की तो माना जाएगा आदेशों का उल्लंघन
यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इन बसों में बिना टिकट के यात्रा करते पाया जाता है तो इसे मुख्यालय के निर्देशों की उल्लंघन माना जाएगा और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जींद डिपो में इस समय लगभग 165 रोडवेज बस हैं, जिसमें से किलोमीटर स्कीम की 37 बस हैं। किलोमीटर स्कीम वाली बस पर चालक परिवहन समिति का आपरेटर होता है, जबकि परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। डिपो में दस एसी बस हैं, इसमें से दो बस सफीदों व एक बस नरवाना उपकेंद्र में है, जबकि सात बस जींद मुख्यालय पर हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए पिछले साल 15 अगस्त के बाद डिपो में दस एसी बस आई थी, जिन्हें यात्रियों की सुविधा के लिए लंबे रूटों पर चलाया जा रहा है। जींद से चंडीगढ़ रूट पर सुबह नौ बजकर 20 मिनट, दोपहर 12 बजे और दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर बस चलती है।
Haryana Roadways : जींद से गुरुग्राम रूट पर एसी बस टाइमिंग
वहीं गुरुग्राम रूट पर सुबह सात बजकर 50 मिनट पर, दूसरी बस 11 बजकर 20 मिनट और तीसरी बस दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर गुरुग्राम के लिए रवाना होती है। इसके अलावा दो बस सफीदों में और एक बस नरवाना उपकेंद्र में है।
जींद बस स्टैंड के डीआई विजय कुंडू का कहना है कि मुख्यालय की ओर से पत्र जारी हुआ है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि एसी बसों में कोई भी रोडवेज अधिकारी या कर्मचारी मुफ्त सफर नहीं कर सकता। अगर कोई रोडवेज कर्मचारी या अधिकारी एसी बसों में सफर करता है तो उसे टिकट लेनी होगी।