राजधानी चौपाल (Heatwave Exercise Rules) : देश में इस समय नौतपा में पूरा उत्तर भारत तप रहा है। बढ़ रही भीषण गर्मी व चढ़ते पारे के बीच मौसम में खुद को फिट रखने के लिए सुबह-शाम दौड़ने, पार्क जाने या जिम में पसीना बहाने वाले लोगों को अपनी दिनचर्या बदलने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब बाहर का तापमान सामान्य से अधिक हो, तो अनियंत्रित तरीके से की गई कसरत फायदे के बजाय शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, गर्मियों में फिटनेस एक्टिविटी को पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इस मौसम में शरीर की क्षमता और बाहरी वातावरण के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। तेज धूप में बिना सोचे-समझे दौड़ना या बंद कमरों में घंटों भारी वजन उठाना लू की चपेट में आने का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।
क्यों खतरनाक साबित हो सकता है समर वर्कआउट?
डॉ. रेड्डी बताते हैं कि किसी भी प्रकार की शारीरिक मेहनत जैसे रनिंग, वेट ट्रेनिंग या साइक्लिंग करते समय शरीर के भीतर स्वाभाविक रूप से गर्मी पैदा होती है। सामान्य दिनों में हमारा शरीर पसीने के माध्यम से इस आंतरिक गर्मी को बाहर निकाल कर खुद को ठंडा कर लेता है।
परंतु, जब बाहर का तापमान (हीटवेव) पहले से ही बहुत ज्यादा हो, तो शरीर की यह प्राकृतिक कूलिंग प्रणाली ठीक से काम नहीं कर पाती। ऐसे में लंबे समय तक हैवी कसरत करने से शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है, जिससे कमजोरी, अचानक ब्लड प्रेशर गिरना या सनस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
Heatwave Exercise Rules : इन 5 शारीरिक लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
- कसरत के दौरान यदि आपका शरीर नीचे दिए गए संकेत दे, तो बिना एक पल गंवाए वर्कआउट तुरंत रोक देना चाहिए:
- अचानक चक्कर आना या आंखों के सामने अंधेरा छाना।
- सिर का पिछला हिस्सा भारी होना या तेज दर्द।
- दिल की धड़कनें असामान्य रूप से तेज हो जाना।
- अचानक बहुत ज्यादा घबराहट या अत्यधिक पसीना आना।
- मांसपेशियों में अचानक तेज ऐंठन (क्रैम्प्स) आना।
डॉक्टर के मुताबिक, ये लक्षण इस बात का प्रमाण हैं कि आपका शरीर अंदर से बहुत ज्यादा गर्म हो चुका है। ऐसी स्थिति होने पर तुरंत ठंडी या छांव वाली जगह पर बैठ जाएं और घूंट-घूंट करके पानी पिएं।
Heatwave: इन लोगों को है सबसे ज्यादा जोखिम
डॉ. जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, जो लोग पहले से ही डायबिटीज, हृदय रोग, सांस की बीमारी (अस्थमा), मोटापा या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उन्हें हीटवेव के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इनके अलावा बढ़ते तापमान का सीधा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के थर्मल रेगुलेशन सिस्टम पर जल्दी होता है, इसलिए उन्हें दोपहर या तेज धूप के समय कड़ी मेहनत वाले कामों से दूर रहना चाहिए।
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये व्यावहारिक तरीके
वक्त का सही चुनाव: दोपहर या तेज धूप के समय वर्कआउट करने से बचें। सुबह जल्दी (सूर्योदय के समय) या शाम को जब वातावरण में थोड़ी ठंडक हो, तभी एक्सरसाइज करें। कसरत शुरू करने से पहले, वर्कआउट के दौरान और उसके बाद नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें, भले ही आपको प्यास महसूस न हो रही हो। कसरत के दौरान बेहद टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने के बजाय ढीले-ढाले और हल्के रंग के सूती (कॉटन) कपड़े पहनें, जिससे शरीर को हवा मिलती रहे।
परिवर्तित मौसम में हमें यह समझना होगा कि किसी भी प्रकार की फिटनेस एक्टिविटी से पहले हमारी आंतरिक सेहत का सुरक्षित रहना जरूरी है। बहुत ज्यादा गर्मी के दिनों में कड़े वर्कआउट के स्थान पर हल्की वॉक या योग को प्राथमिकता देना ही समझदारी है।