राजधानी चौपाल चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और नए वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब कोई भी व्यक्ति सीधे लर्निंग लाइसेंस प्राप्त नहीं कर सकेगा। लाइसेंस जारी होने से पहले उसे ऑनलाइन सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य होगा।
राज्य के परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के अनुसार लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, हरियाणा द्वारा तैयार किए गए सेफ ड्राइविंग एंड फर्स्ट एड ऑनलाइन ट्यूटोरियल को पूरा करना होगा। प्रशिक्षण पूरा किए बिना आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
सारथी पोर्टल से जोड़ी जाएगी नई सुविधा
इस नई व्यवस्था को सारथी पोर्टल के साथ जोड़ा जा रहा है। आवेदन करते समय अभ्यर्थी को पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरा करना होगा। जैसे ही प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होगा, तभी सिस्टम लर्निंग लाइसेंस जारी करने की अगली प्रक्रिया शुरू करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर उतरने से पहले हर नया चालक ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की मूल बातें अच्छी तरह समझ ले।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार लागू हुआ नियम
यह बदलाव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 20 फरवरी 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि ड्राइविंग शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी जानकारी मिलने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा और फर्स्ट एड की मिलेगी जानकारी
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी ने इसके लिए विशेष लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) तैयार किया है। इसमें सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियम, सुरक्षित वाहन संचालन और दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) से जुड़े ऑनलाइन पाठ शामिल किए गए हैं। इससे नए वाहन चालकों को केवल वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में सही निर्णय लेने की भी जानकारी मिलेगी।
घर बैठे पूरी होगी पूरी प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, प्रशिक्षण पूरा करेंगे और निर्धारित परीक्षा भी ऑनलाइन दे सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी पहली बार में परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इससे उम्मीदवार बिना कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाए पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकेंगे।
नियम का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य नए वाहन चालकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना, ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देना और सड़क हादसों की संख्या कम करना है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर नया चालक सड़क पर उतरने से पहले सुरक्षित ड्राइविंग और प्राथमिक उपचार की आवश्यक जानकारी रखता हो।