राजधानी चौपाल, जींद, नरवाना : उझाना में सोमवार को श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा व आठमान भंडारा आयोजित (Haryana news) किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में हरियाणा व पंजाब से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा, रोहतक के अस्थल बोहर के महंत एवं राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालक नाथ, उझाना मठ के महंत राज नाथ, महंत पूर्ण नाथ ने भी कार्यक्रम में पहुंच कर श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाकनाथ का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ हाराज के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए मंत्रोच्चारण के बीच मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया और मंदिर में ध्वजारोहण किया।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पेड़ मां के नाम मुहिम के तहत खेल स्टेडियम उझाना में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
Haryana news : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए दिए 1 करोड़
ग्राम पंचायत की मांग पर मुख्यमंत्री ने उझाना में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और गांव के अन्य विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप गांव में सड़क निर्माण, कुंड तालाब के जीर्णोद्धार, पानी निकासी का स्थायी समाधान और गांव के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करवाया जाएगा।

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, किसी महा मानव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का अर्थ केवल विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाना नहीं होता, बल्कि अपने जीवन में श्रद्धा को प्रतिष्ठित करना, अपने आचरण में सत्य को अपनाना, अपने व्यवहार में करुणा को उत्पन्न करना तथा समाज में सेवा तथा सद्भाव को प्रतिष्ठित करना है। संतों ने सदैव समाज को एकजुट करने, मानव सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। जब-जब समाज भटका है, तब-तब संतों ने दीपक बनकर समाज को नई रोशनी दिखाई है।
हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस मौके पर महंत योगी पीर राजनाथ, महंत योगी पीर पूर्णनाथ, महंत योगी पीर जिताईनाथ, महंत संपूर्णानाथ ब्रह्मचारी, अमरजीत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र ढुल, चेयरमैन अमित ढाकल, करण प्रताप सिंह, हंसराज समैन, वीरेंद्र नैन, सत्यप्रकाश सैनी, मनदीप चहल, तेजपाल शर्मा, दिनेश गोयल, सरपंच सुनील कुमार, रोहताश सिंहमार, विनय मित्तल, ओम प्रकाश थुआ मौजूद रहे।
संत समाज के महापुरुष और मुख्यमंत्री का एक साथ होना अद्भुत संगम : बेदी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जींद की धरती पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम बना है, जो किसी विशेष मुहूर्त पर ही बनता है। यह वो समय है जब अपने संत समाज के महापुरुष और प्रदेश के राजा यानी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक साथ बैठे हैं। यह संगम प्रदेश में विकास, सुख, शांति और समृद्धि की बहार को और तेज करने वाला है।
मुख्यमंत्री जैसी मुस्कुराहट, सरलता, कार्यशैली को अपनाने का कर रहे प्रयास
डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर जरूरतमंद की जरूरत के अनुसार अनेक योजना और नीतियां की तैयार किया हैं और उन्हें धरातल पर लागू करके लोगों तक योजनाओं व नीतियों के लाभ को पहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची बिना पर्ची सरकारी नौकरियां दी जा रही है। मुख्यमंत्री के इस कार्य की पूरे देश में चर्चा हो रही है। दूसरे प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी हरियाणा के मुख्यमंत्री जैसी मुस्कुराहट, सरलता, कार्यशैली की तारीफ करने के साथ-सा खुद भी अपनाने का प्रयास कर रहे हैं।
श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाकनाथ का आसन आठ मानधारी पीरों में है शामिल
गांव उझाना में स्थित श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाकनाथ का आसन नाथ संप्रदाय की प्राचीन आध्यात्मिक परपंरा, तपस्या व जनसेवा का प्रतीक है। करीब 600 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक तीर्थ की महिमा गांव उझाना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गांव नेपेवाला, अंबरसर, कुराड़, कोयल, ढुंढवा सहित उसके आसपास के गांवों के हजारों लोगों तक जुड़ी हुई है।
मकर संक्रांति पर इस मठ पर एक मेला का आयोजन होता है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। इस मठ के बारे में मान्यता है, यह मठ नाथ संप्रदाय के आठ मानधारी पीरों में आता है। यह भी बताया जाता है कि श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाकनाथ की देशभर में लगभग 360 मंढ़ियां स्थापित हैं और उनमें से 11 स्थानों पर उनकी जीवित समाधि मौजूद मानी जाती है।
स्थानीय परपंराओं के अनुसार इस डेरे का निर्माण लगभग 450 वर्ष पूर्व 16वीं शताब्दी में राजा मान सिंह द्वारा करवाया गया था। इस मठ का मुख्य उद्देश्य व कार्य सनातन धर्म की रक्षा, गोसेवा व गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना है। इस डेरे के आसन की महंत योगी पीर राजनाथ 22 साल से सेवा कर रहे हैं।
इस आसन के अतिरिक्त रोहतक के अस्थल बोहर, हीरो कलां, पेहवा, कोथ कलां, रायसन, सौंगल व धनौरी को आठ मठों को नाथ संप्रदाय में मानधारी पीर का दर्जा हासिल है। गांव उझाना का यह मठ श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और सनातन धर्म का एक केंद्र बना हुआ है।