राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। (Haryana SIR 2026) : हरियाणा में 15 जून से शुरू होने जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में वोटर लिस्ट की समीक्षा प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर मतदाता सूचियों की निगरानी करें।
हुड्डा ने पार्टी विधायकों से कहा कि वे 15 जून से 15 जुलाई तक लगातार अपने विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद रहें और बूथ स्तर पर नियुक्त पार्टी प्रतिनिधियों तथा निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखें। उनका कहना था कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो, इसकी पूरी सतर्कता बरती जानी चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक नहीं हैं, वहां पार्टी के पूर्व प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी SIR अभियान की निगरानी करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
Haryana SIR 2026 : 37 लाख मतदाताओं का रिकार्ड नहीं हो रहा मैच
बैठक में नेताओं को बताया गया कि राज्य में लगभग 37 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनका पुराने रिकॉर्ड से पूर्ण मिलान नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने आशंका जताई कि यदि सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही तो बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने का फैसला किया है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई के मध्य में कांग्रेस विधायक दल की एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान विधायकों द्वारा जुटाई गई जानकारियों और स्थानीय स्तर पर सामने आए मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि इसके बाद कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न जनहित के मुद्दों पर व्यापक अभियान चला सकती है।
भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के घुसपैठियों को राज्य से बाहर करने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि यदि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करनी है तो यह सुनिश्चित होना चाहिए कि गलत नाम शामिल न हों और वैध मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं।
Haryana SIR 2026 : एसवाईएल का मुद्दा भी उठाया
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में महंगाई, भ्रष्टाचार, खराब सड़क व्यवस्था, बिजली-पानी की समस्याओं, कानून व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी उठाया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन समस्याओं के समाधान में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है।
एसवाईएल मुद्दे पर भी उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को घेरते हुए कहा कि पंजाब के दौरों के दौरान हरियाणा के हिस्से के पानी की मांग को मजबूती से उठाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यह प्रदेश के किसानों और आम लोगों के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए हुड्डा ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रभावित किसानों को अभी तक फसल नुकसान का पूरा मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
इस दौरान कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद के उस निर्देश पर भी चर्चा हुई, जिसमें किसी भी आंदोलन या कार्यक्रम से पहले प्रदेश कांग्रेस की अनुमति लेने की बात कही गई थी। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि निर्वाचित विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर धरना, प्रदर्शन और जनआंदोलन करने के लिए स्वतंत्र हैं और यह निर्देश कांग्रेस विधायकों पर लागू नहीं होता। बैठक के अंत में कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।