राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए मंगलवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। घरेलू सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्राहकों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंताओं के बीच सोने और चांदी दोनों पर भारी दबाव देखने को मिला। एक ही कारोबारी दिन में सोना 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया, जबकि चांदी के दामों में 10,500 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना करीब 2 प्रतिशत टूटकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीते कई महीनों के सबसे निचले स्तरों में से एक है। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने में आई यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत लेकर आई है, खासकर उन लोगों के लिए जो शादी-विवाह या निवेश के उद्देश्य से खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं।
24 June Gold silver price : चांदी में ज्यादा गिरावट
चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट और भी अधिक रही। औद्योगिक मांग और निवेशकों की बिकवाली के दबाव के बीच चांदी 4 प्रतिशत से ज्यादा फिसलकर 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। बाजार जानकारों के अनुसार यह स्तर पिछले दो महीनों से अधिक समय का निचला स्तर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत फिलहाल सोने और चांदी की चाल तय कर रहे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका ने निवेशकों का रुख सुरक्षित धातुओं से हटाकर डॉलर की ओर मोड़ दिया है। डॉलर इंडेक्स में लगातार मजबूती आने से सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे इनकी मांग पर असर पड़ता है।
24 June Gold silver price : वैश्विक बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी इसी तरह का दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी में भी बड़ी बिकवाली दर्ज की गई। अमेरिका और मध्य-पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक गतिविधियों के बावजूद निवेशकों का फोकस अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों और महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित हो गया है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई दर, जीडीपी आंकड़े और फेड अधिकारियों के बयान कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे। यदि ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर पड़ती है तो सोना और चांदी दबाव में रह सकते हैं। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट आकर्षक खरीदारी अवसर के रूप में देखी जा रही है।