राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमा में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि वर्तमान में एनसीआर के दायरे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इससे जींद, करनाल सहित हरियाणा के वे जिले भी एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे, जिनके बाहर होने की संभावना जताई जा रही थी।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इसमें शामिल हुए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल एनसीआर की मौजूदा सीमाएं यथावत रहेंगी और किसी जिले को बाहर करने का निर्णय नहीं लिया गया है।
राजस्थान के रुख से प्रभावित हुआ फैसला
सूत्रों के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र के पुनर्गठन को लेकर राजस्थान ने अपना विरोध दर्ज कराया। यदि एनसीआर का दायरा 100 किलोमीटर की सीमा तक सीमित किया जाता तो राजस्थान का अधिकांश हिस्सा इससे बाहर हो जाता और केवल भिवाड़ी क्षेत्र ही एनसीआर में बचता। इसी कारण राजस्थान ने क्षेत्रफल कम करने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
हरियाणा में वर्तमान समय में 14 जिले एनसीआर में शामिल हैं। चर्चाएं थीं कि इनमें से करीब पांच जिलों को बाहर किया जा सकता है, लेकिन बोर्ड की बैठक में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया।
जींद के उद्योग जगत को लगा झटका
जींद जिले के उद्योगपतियों, ईंट-भट्ठा संचालकों और व्यापारिक संगठनों को उम्मीद थी कि जिला एनसीआर से बाहर हो सकता है। उनका तर्क है कि एनसीआर के नियमों और प्रतिबंधों का प्रभाव तो जिले पर पड़ता है, लेकिन विकास परियोजनाओं और वित्तीय सहायता का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में एनसीआर से बाहर होने की संभावना को स्थानीय कारोबारी वर्ग सकारात्मक मान रहा था।
NCR में विकसित होंगी चार नई नमो सिटी
बैठक में एनसीआर क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एनसीआर के भीतर चार आधुनिक 'नमो सिटी' विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि इन शहरों की अंतिम लोकेशन अभी तय नहीं हुई है और राज्यों से सुझाव मांगे गए हैं।
इसके अलावा क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। करनाल और मानेसर की दिशा में इस परियोजना पर कार्य जारी है।
NCR को लेकर बदला था खट्टर का रुख
दिलचस्प बात यह है कि जब मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने जींद और करनाल जैसे जिलों को एनसीआर में शामिल किए जाने को प्रदेश की बड़ी उपलब्धि बताया था। हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि दिल्ली से काफी दूर स्थित जिलों को एनसीआर में शामिल रखने से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
वर्ष 2021 में खट्टर ने सुझाव दिया था कि दिल्ली से लगभग 100 किलोमीटर के दायरे तक के क्षेत्रों को ही एनसीआर में रखा जाए। उनका कहना था कि दूरस्थ जिलों को एनसीआर के नियमों और पर्यावरणीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, जबकि विकास के लाभ उस अनुपात में नहीं मिलते।
दिसंबर में फिर हो सकती है समीक्षा
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर में प्रस्तावित है। ऐसे में भविष्य में एनसीआर की सीमाओं और विकास योजनाओं को लेकर नई चर्चाएं फिर शुरू हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल जींद, करनाल समेत सभी मौजूदा जिले एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे।