राजधानी चौपाल, पंजाब, Milk Price Hike 2026 : लगातार बढ़ती महंगाई, पशुओं के चारे, दवाइयों और रखरखाव पर बढ़ते खर्च के बीच डेयरी किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से दूध खरीद दर बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों को पंजाब सरकार ने बड़ी सौगात दी है। सरकार ने दूध में मौजूद प्रति किलोग्राम फैट (Milk Fat) के मूल्य में ₹40 की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद दूध उत्पादकों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है।
21 जुलाई 2026 से लागू हुई नई खरीद दर
पंजाब सरकार के अनुसार दूध की संशोधित खरीद दरें 21 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। इस फैसले का लाभ राज्य के लगभग 2.5 लाख डेयरी किसानों को मिलेगा। विशेष रूप से छोटे और मध्यम डेयरी संचालकों के लिए यह निर्णय राहत लेकर आया है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में पशुपालन की लागत लगातार बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर खरीद मूल्य मिलने से किसान पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य और डेयरी प्रबंधन पर अधिक निवेश कर सकेंगे, जिससे दूध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार आने की संभावना है।
क्यों बढ़ानी पड़ी दूध खरीद दर?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया। संगठन के अध्यक्ष दलजीत सिंह गिल के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के सामने डेयरी उद्योग की मौजूदा चुनौतियां रखीं।
किसानों ने बताया कि पशुओं के चारे, हरे चारे, खल, दवाइयों, बिजली, श्रम और अन्य संचालन खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके मुकाबले दूध का खरीद मूल्य नहीं बढ़ने से डेयरी व्यवसाय की लाभप्रदता प्रभावित हो रही थी। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए दूध खरीद दर में संशोधन का निर्णय लिया।
दूध का रेट कैसे तय किया जाता है?
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि अलग-अलग किसानों को दूध का अलग-अलग मूल्य क्यों मिलता है। दरअसल, दूध की खरीद केवल मात्रा के आधार पर नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता के आधार पर तय होती है।
दूध का मूल्य मुख्य रूप से दो मानकों पर निर्भर करता है—
फैट (Fat): दूध में मौजूद वसा की मात्रा।
एसएनएफ (SNF - Solids Not Fat): यानी दूध में वसा के अलावा मौजूद ठोस पोषक तत्व, जैसे प्रोटीन, लैक्टोज और खनिज।
जितना अधिक फैट और एसएनएफ होगा, दूध की गुणवत्ता उतनी बेहतर मानी जाती है और किसान को उसी अनुपात में अधिक कीमत मिलती है।
गाय और भैंस के दूध में कितना होता है फैट?
दूध में फैट की मात्रा पशु की नस्ल, आहार और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। गाय के दूध में सामान्यतः 3.5% से 5% तक फैट पाया जाता है।भैंस के दूध में औसतन 6% से 8% तक फैट होता है। इसी वजह से भैंस के दूध का खरीद मूल्य कई बार गाय के दूध की तुलना में अधिक होता है।
संग्रह केंद्र पर ऐसे होती है दूध की जांच
डेयरी संग्रह केंद्रों पर दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है। मशीन दूध में मौजूद फैट और एसएनएफ की मात्रा का परीक्षण करती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रति किलोग्राम या प्रति लीटर दूध का भुगतान तय किया जाता है। इसलिए उच्च गुणवत्ता वाला दूध देने वाले किसानों को अधिक कीमत प्राप्त होती है।
डेयरी किसानों के लिए क्या होगा फायदा?
दूध खरीद दर में बढ़ोतरी से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है—
- दूध बेचने पर पहले से अधिक आय प्राप्त होगी।
- बढ़ती उत्पादन लागत का कुछ हद तक संतुलन बनेगा।
- पशुओं के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य पर निवेश बढ़ेगा।
- छोटे और मध्यम डेयरी फार्म आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।
- डेयरी क्षेत्र में उत्पादन और गुणवत्ता सुधार को प्रोत्साहन मिलेगा।
पंजाब सरकार का यह निर्णय डेयरी क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इससे किसानों की आय में अपेक्षित सुधार होता है, तो भविष्य में अन्य राज्यों में भी इसी तरह की मांग तेज हो सकती है।