राजधानी चौपाल, हिसार। हरियाणा में बीपीएल राशन कार्डों के सत्यापन और पात्रता की जांच के बीच हिसार जिले से बड़ी खबर सामने आई है। पिछले करीब 14 महीनों के दौरान जिले में 60,586 बीपीएल राशन कार्ड काटे जाने की जानकारी सामने आई है। इन कार्डों से जुड़े करीब 1.90 लाख लाभार्थियों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
राशन कार्ड कटने के बाद करीब 18 हजार लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए दोबारा राशन कार्ड बहाल करने की मांग की है। अब इन मामलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को घर-घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले परिवारों के संबंध में रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
14 महीने में तेजी से बदली BPL कार्डों की संख्या
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 में हिसार जिले में करीब 3,48,820 बीपीएल परिवारों से जुड़े 12,77,144 लाभार्थी दर्ज थे। इसके बाद परिवार पहचान पत्र और अन्य उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता की जांच शुरू हुई।
सत्यापन की प्रक्रिया के बाद अगस्त 2026 तक बीपीएल परिवारों/कार्डों की संख्या घटकर करीब 2,88,234 रह गई। इस तरह बड़ी संख्या में परिवारों को बीपीएल श्रेणी से बाहर किया गया है।
यहां यह समझना जरूरी है कि राशन कार्ड की संख्या और उसमें दर्ज लाभार्थियों की संख्या अलग-अलग होती है। इसलिए कार्डों में कमी का असर उससे जुड़े कुल सदस्यों पर अधिक दिखाई देता है।
18 हजार आपत्तियों ने बढ़ाई विभाग की चुनौती
जिन परिवारों के बीपीएल राशन कार्ड काटे गए हैं, उनमें से करीब 18 हजार लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इन परिवारों का कहना है कि वे अभी भी सरकारी राशन के लिए पात्र हैं और उनके कार्ड बहाल किए जाएं।
अब विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन दावों की वास्तविकता जांचना है। इसके लिए अधिकारियों को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में परिवार की आय, संपत्ति, वाहन, जमीन और अन्य पात्रता संबंधी रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकता है।
अगर जांच में परिवार पात्र पाया जाता है तो आगे की कार्रवाई के आधार पर उसका राशन कार्ड बहाल किए जाने का रास्ता खुल सकता है। वहीं अपात्रता की पुष्टि होने पर कार्ड काटे जाने का फैसला बरकरार रह सकता है।
किन वजहों से कट सकता है BPL राशन कार्ड?
बीपीएल श्रेणी में अपात्र परिवारों की पहचान के लिए सरकार अलग-अलग सरकारी रिकॉर्ड और पात्रता मानकों का इस्तेमाल करती है। आपके दिए विवरण के अनुसार, जिन प्रमुख कारणों के आधार पर कार्डों की जांच या कटौती की जा रही है, उनमें शामिल हैं—
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परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक होना
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परिवार के पास चार पहिया वाहन होना
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निर्धारित सीमा से अधिक जमीन या प्लॉट होना
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बिजली खपत/बिल से संबंधित निर्धारित मानकों में अपात्र पाया जाना
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परिवार का लंबे समय से राशन नहीं लेना
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परिवार पहचान पत्र में दर्ज जानकारी और वास्तविक स्थिति में अंतर
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सरकारी रिकॉर्ड में संपत्ति या अन्य ऐसी जानकारी मिलना, जिससे परिवार पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करता
महत्वपूर्ण: केवल इनमें से किसी एक बिंदु को देखकर हर मामले में स्वतः कार्ड काट दिया जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं है। अंतिम पात्रता संबंधित सरकारी नियमों और सत्यापन के आधार पर तय होती है।
Family ID से जुड़ी जानकारी क्यों महत्वपूर्ण?
हरियाणा में परिवार पहचान पत्र यानी PPP सरकारी योजनाओं में परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक जानकारी के सत्यापन का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए परिवार की आय, सदस्य, संपत्ति और अन्य विवरण में बदलाव होने पर उसका असर पात्रता आधारित योजनाओं पर पड़ सकता है।
इसी वजह से बीपीएल लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट करने और अपात्र परिवारों को सूची से हटाने के लिए डेटा का सत्यापन किया जाता है।
हिसार में सबसे ज्यादा BPL कार्ड, मेवात में लाभार्थी अधिक
आपके उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न जिलों में बीपीएल कार्डों की संख्या में हिसार सबसे ऊपर बताया गया है। आंकड़े इस प्रकार हैं—
| जिला | BPL कार्ड |
|---|---|
| हिसार | 2,88,234 |
| करनाल | 2,54,117 |
| फरीदाबाद | 2,53,423 |
| गुरुग्राम | 1,17,876 |
| चरखी दादरी | 75,913 |
| पंचकूला | 68,507 |
वहीं बीपीएल राशन के लाभार्थियों की संख्या के मामले में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मेवात करीब 11.78 लाख लाभार्थियों के साथ पहले, हिसार करीब 10.87 लाख के साथ दूसरे और फरीदाबाद करीब 10.12 लाख लाभार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर बताया गया है।
हालांकि जिला-वार आंकड़े समय के साथ अपडेट होते रहते हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर राज्य और जिला स्तर के राशन कार्ड तथा लाभार्थियों के आंकड़ों का आधिकारिक डैशबोर्ड उपलब्ध है।
हरियाणा में 7,400 से ज्यादा राशन डिपो
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हरियाणा में करीब 7,411 राशन डिपो हैं। इनमें अलग-अलग जिलों में डिपो की संख्या उनकी आबादी और लाभार्थियों के हिसाब से अलग है।
राशन वितरण व्यवस्था के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित सरकारी राशन डिपो के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए बीपीएल कार्ड कटने का असर सिर्फ कार्ड की स्थिति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पात्र परिवारों के राशन लाभ पर भी पड़ सकता है।
अगर BPL कार्ड कट गया है तो क्या करें?
अगर किसी परिवार का बीपीएल राशन कार्ड गलत तरीके से काटे जाने का दावा है, तो सबसे पहले उसे अपनी Family ID/PPP में दर्ज जानकारी की जांच करनी चाहिए।
इसके बाद संबंधित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय या निर्धारित शिकायत/आपत्ति प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा जा सकता है। आपत्ति के दौरान परिवार को अपनी पात्रता साबित करने वाले जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं।
हिसार में जिन करीब 18 हजार लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है, उनके मामलों में अब विभागीय जांच महत्वपूर्ण होगी। घर-घर सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कितने परिवार वास्तव में पात्र हैं और कितने मामलों में कार्ड बहाल किया जा सकता है।
सरकार का मकसद क्या है?
बीपीएल और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न और अन्य लाभ पहुंचाना है। ऐसे में सरकार के सामने दोहरी चुनौती है—पात्र गरीब परिवारों को योजना का लाभ मिले और अपात्र लोग सरकारी लाभ न लें।
इसी उद्देश्य से सरकारी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है। लेकिन बड़े पैमाने पर कार्ड कटने के बाद पात्र परिवारों की आपत्तियों की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही जरूरी है, ताकि किसी वास्तविक जरूरतमंद परिवार का राशन बंद न हो।
हिसार में 60,586 बीपीएल राशन कार्ड कटने और करीब 1.90 लाख लाभार्थियों के प्रभावित होने का मामला हजारों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। करीब 18 हजार आपत्तियों के बाद अब घर-घर सत्यापन से तस्वीर साफ होगी।
सबसे अहम बात यह है कि राशन कार्ड कटने का मतलब हर मामले में परिवार का स्थायी रूप से अपात्र होना नहीं माना जा सकता। जिन परिवारों ने आपत्ति दर्ज कराई है, उनकी पात्रता जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए लाभार्थियों को अपने PPP और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी की जांच करते रहना चाहिए।