राजधानी चौपाल, हिसार। हरियाणा और पंजाब के बीच रेल संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सादुलपुर-हिसार-बठिंडा रेलखंड पर प्रस्तावित डबल रेलवे लाइन परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (Final Location Survey - FLS) शुरू कर दिया गया है। यह सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी, जिसके आधार पर लागत तय की जाएगी और आगे की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होगी।
सर्वे के बाद तैयार होगी DPR
रेलवे अधिकारियों के अनुसार फाइनल लोकेशन सर्वे परियोजना का सबसे अहम तकनीकी चरण है। इसके आधार पर डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसमें परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण अवधि, भूमि अधिग्रहण, पुलों और रेलवे अंडरब्रिज (RUB) की संख्या, सिग्नलिंग सिस्टम तथा अन्य तकनीकी आवश्यकताओं का पूरा विवरण शामिल होगा।
DPR तैयार होने के बाद रेलवे बोर्ड से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
वर्तमान में सादुलपुर-हिसार-बठिंडा रेलखंड पर अधिकांश हिस्से में सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए कई स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ता है। इससे ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है और यात्रा में देरी होती है।
डबल लाइन बनने के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।
पूरे रेल मार्ग का होगा तकनीकी निरीक्षण
फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान रेलवे की इंजीनियरिंग टीम पूरे रेलखंड का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करेगी। इसमें रेलवे क्रॉसिंग, पुल, नाले, आबादी वाले क्षेत्र, सड़क संपर्क, विद्युत व्यवस्था और सिग्नलिंग सिस्टम का तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा।
जहां सड़क यातायात अधिक है, वहां नए रेलवे अंडरब्रिज (RUB) बनाने की आवश्यकता का आकलन किया जाएगा। वहीं, जिन स्थानों पर पहले से बने अंडरब्रिज डबल लाइन के अनुरूप पर्याप्त चौड़ाई नहीं रखते, वहां उनके चौड़ीकरण की योजना भी तैयार की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण और दूसरी लाइन का होगा आकलन
सर्वे के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि दूसरी रेलवे लाइन किस दिशा में बिछाई जाएगी और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन स्थानों पर बिना किसी बड़ी बाधा के नई लाइन का निर्माण संभव है।
रेलवे इंजीनियरिंग टीम विद्युत, सिग्नलिंग और अन्य रेल संरचनाओं में आवश्यक बदलाव का भी विस्तृत आकलन करेगी।
सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
फिलहाल रेलवे फाइनल लोकेशन सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे रेलखंड में कितने नए RUB बनाए जाएंगे, किन अंडरब्रिजों का चौड़ीकरण होगा और परियोजना पर कुल कितनी लागत आएगी।
इसके बाद रेलवे बोर्ड के समक्ष परियोजना को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और डबल लाइन निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा।