राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने (Haryana news) ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत जल कर्मियों और ट्यूबवेल ऑपरेटरों को बड़ी राहत देते हुए उनके वेतनमान में अहम बदलाव लागू कर दिया है। श्रम विभाग की नई अधिसूचना और दिशा-निर्देशों के बाद अब ट्यूबवेल ऑपरेटरों को “स्किल्ड कैटेगरी” में शामिल किया जाएगा, जिससे हजारों कर्मचारियों की मासिक सैलरी में बड़ा इजाफा होगा।
सरकार के इस फैसले का फायदा प्रदेशभर के करीब 8 हजार ग्रामीण जल कर्मियों को मिलने जा रहा है। लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
Haryana news : अब 13 हजार नहीं, मिलेंगे करीब 19 हजार रुपये
अब तक ग्रामीण जल कर्मियों को करीब 13,346 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें लगभग 19 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। यानी कर्मचारियों की सैलरी में सीधे तौर पर करीब 5 से 6 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
यह बढ़ा हुआ वेतन न्यूनतम मजदूरी की नई दरों के अनुसार लागू किया जाएगा। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्यूबवेल ऑपरेटरों को अब “स्किल्ड वर्कर” माना जाएगा और उसी आधार पर भुगतान किया जाएगा।
Haryana news : श्रम विभाग ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
श्रम आयुक्त हरियाणा की ओर से विकास एवं पंचायत विभाग को भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि 4 मई 2026 की अधिसूचना के अनुसार ट्यूबवेल ऑपरेटर “स्किल्ड कैटेगरी” में आते हैं। इसलिए उन्हें स्किल्ड श्रेणी के तहत तय न्यूनतम वेतन का लाभ देना अनिवार्य होगा। यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत जल कर्मियों के वेतन निर्धारण को लेकर किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
Haryana news : पुरानी व्यवस्था खत्म, नई कैटेगरी लागू
श्रम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल 2026 से पहले स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड कर्मचारियों के लिए A और B जैसी उप-श्रेणियां लागू थीं। लेकिन नई अधिसूचना के बाद इन उप-श्रेणियों को समाप्त कर दिया गया है।
अब सभी कर्मचारियों को सीधे “स्किल्ड” और “सेमी-स्किल्ड” वर्ग में शामिल किया जाएगा। इससे वेतन निर्धारण की प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान और पारदर्शी होगी।
Haryana news : मजदूर संगठनों के प्रयासों से मिली राहत
भारतीय मजदूर संघ और कर्मचारी संगठनों द्वारा लंबे समय से ग्रामीण जल कर्मियों को स्किल्ड श्रेणी में शामिल करने की मांग उठाई जा रही थी। लगातार किए गए प्रयासों और विभागीय स्तर पर बातचीत के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह वेतन बढ़ोतरी उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने में मदद करेगी।