Haryana news : हरियाणा में लागू हुए प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम, महिलाओं को 25 प्रतिशत और लाल डोरा क्षेत्र के मकानों को 75 प्रतिशत तक राहत

Haryana news : हरियाणा में लागू हुए प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम, महिलाओं को 25 प्रतिशत और लाल डोरा क्षेत्र के मकानों को 75 प्रतिशत तक राहत

राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में लागू प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई कर निर्धारण प्रणाली लागू कर दी है। करीब 13 वर्षों बाद प्रॉपर्टी टैक्स के नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब टैक्स की गणना केवल संपत्ति के क्षेत्रफल के आधार पर नहीं बल्कि प्लॉट के आकार, कारपेट एरिया, कलेक्टर रेट, फ्लोर फैक्टर और भवन के वास्तविक उपयोग के आधार पर की जाएगी।

नई अधिसूचना शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा द्वारा जारी की गई है। इसके साथ ही वर्ष 2013 से लागू पुरानी प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली समाप्त हो गई है।

महिलाओं और लाल डोरा क्षेत्र को बड़ी राहत

नई नीति के तहत महिलाओं के नाम पंजीकृत आवासीय मकानों और प्लॉटों पर 25 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी टैक्स की छूट मिलेगी। वहीं, नगरपालिकाओं की सीमा में शामिल गांवों के लाल डोरा क्षेत्र के आवासीय मकानों को 75 प्रतिशत तक टैक्स में राहत दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण को प्रोत्साहन देना और पुराने ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक राहत प्रदान करना है।

अब इन आधारों पर तय होगा प्रॉपर्टी टैक्स

नई व्यवस्था में प्रॉपर्टी टैक्स का निर्धारण एक तय फार्मूले के अनुसार किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से निम्न आधार शामिल होंगे—

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सरकार ने अलग-अलग उपयोग श्रेणियों के लिए अलग उपयोग गुणांक (Use Factor) निर्धारित किए हैं, ताकि जिस उद्देश्य के लिए संपत्ति का उपयोग हो रहा है, उसी अनुपात में टैक्स तय किया जा सके।

चार श्रेणियों में बांटे गए शहरी निकाय

प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को ए-1, ए-2, बी और सी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम और अधिकतम टैक्स दर निर्धारित की गई है। संबंधित स्थानीय निकाय इन्हीं सीमाओं के भीतर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अंतिम दर तय कर सकेंगे।

एकमुश्त नहीं बढ़ेगा टैक्स का बोझ

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नई गणना के अनुसार किसी संपत्ति पर टैक्स अधिक बनता है तो उसकी वसूली चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संपत्ति मालिकों पर अचानक अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।

किन संपत्तियों को मिलेगी पूरी छूट

नई नीति के तहत कई प्रकार की संपत्तियों को प्रॉपर्टी टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इनमें शामिल हैं—

  • मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिद और चर्च

  • नगर निकायों की ऐसी संपत्तियां जिन्हें किराये पर नहीं दिया गया है

  • अनाथालय और धर्मशालाएं

  • श्मशान घाट और कब्रिस्तान

  • सरकारी स्कूल और सरकारी अस्पताल

  • कृषि कार्य में प्रयुक्त भूमि

  • गोशालाएं (व्यावसायिक उपयोग वाले हिस्से को छोड़कर)

इन श्रेणियों को भी मिलेगा विशेष लाभ

सरकार ने कुछ विशेष वर्गों को अतिरिक्त राहत देने का भी प्रावधान किया है। इनमें शामिल हैं—

  • 250 वर्गमीटर तक के स्व-आवासीय मकान, जिनमें सैनिक, पूर्व सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों के जवान या शहीद परिवार रहते हैं।

  • स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध विधवाओं के आवास।

  • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के स्कूल।

  • धर्मार्थ अस्पताल।

  • नगर सीमा में शामिल नए गांवों के लाल डोरा क्षेत्र के तीन मंजिल तक के आवासीय मकान।

समय पर टैक्स जमा करने वालों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

नई व्यवस्था में समय पर टैक्स जमा करने वाले संपत्ति मालिकों को भी प्रोत्साहन दिया गया है।

  • 30 अप्रैल तक चालू वर्ष का टैक्स और बकाया जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

  • लगातार तीन वर्षों तक समय पर टैक्स जमा करने पर अतिरिक्त 5 प्रतिशत की राहत दी जाएगी।

  • 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के स्वामित्व वाले मकानों पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

  • जिन ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों या प्रॉपर्टी क्लस्टरों में जीरो वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह लागू होगा, उन्हें भी 10 प्रतिशत टैक्स रियायत प्रदान की जाएगी।

हालांकि, किसी एक संपत्ति पर कुल टैक्स छूट निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगी।

एक महीने तक पुरानी व्यवस्था का भी मिलेगा विकल्प

नई अधिसूचना लागू होने के बावजूद सरकार ने संपत्ति मालिकों को एक महीने तक वर्ष 2013 की पुरानी टैक्स व्यवस्था के अनुसार भुगतान करने का विकल्प दिया है।

इसके अलावा जिन लोगों ने पहले ही वित्त वर्ष 2026-27 तक का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर दिया है, उन पर नई व्यवस्था का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 और उससे पहले के बकाया टैक्स एवं ब्याज की वसूली भी पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही होगी।

क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?

नई प्रॉपर्टी टैक्स नीति का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायसंगत बनाना है। अब टैक्स का निर्धारण संपत्ति के वास्तविक मूल्य और उपयोग के आधार पर होगा। साथ ही महिलाओं, लाल डोरा क्षेत्र, सैनिक परिवारों, दिव्यांग व्यक्तियों और समय पर टैक्स जमा करने वाले नागरिकों को विशेष रियायत देकर सरकार ने सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाने का प्रयास किया है।

Rahul Hindustani

Rahul Hindustani

राहुल हिंदुस्तानी हरियाणा की पत्रकारिता में सक्रिय एक निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं। वे साप्ताहिक समाचार पत्र “राजधानी चौपाल” के संपादक एवं स्वामी हैं, जिसके माध्यम से वे आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों में सक्रिय राहुल हिंदुस्तानी जमीनी मुद्दों, प्रशासनिक मामलों और राजनीतिक गतिविधियों पर सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता की पहचान है—तथ्य आधारित खबरें, बेबाक अंदाज और जनहित को प्राथमिकता। “राजधानी चौपाल” आज एक भरोसेमंद उभरता हुआ मंच बन चुका है, जो स्थानीय खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ लोगों तक पहुँचाता है।

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