राजधानी चौपाल, नई दिल्ली/चंडीगढ़ । संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने हरियाणा से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषयों—जनगणना-2027 की तैयारियों और राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं—को सदन में प्रमुखता से उठाया। उनके सवालों के जवाब में केंद्र सरकार ने हरियाणा में चल रही तैयारियों और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की।
संजय भाटिया ने संसद में पूछा कि जनगणना-2027 की तैयारियां किस स्तर तक पहुंची हैं और हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति क्या है। संबंधित मंत्रालयों ने तथ्यात्मक आंकड़ों के साथ इन दोनों विषयों पर स्थिति स्पष्ट की।
हरियाणा में जनगणना-2027 का पहला चरण पूरा
गृह मंत्रालय ने बताया कि हरियाणा में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके तहत 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया गया। इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) का उपयोग किया गया। फील्ड सर्वे शुरू होने से पहले मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण भी पूरा कराया गया।
हरियाणा को मिले 107.87 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने बताया कि जनगणना-2027 की तैयारियों के लिए हरियाणा को अब तक 107.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। यह राशि प्रशिक्षण, तकनीकी अवसंरचना, मानव संसाधन, डिजिटल सिस्टम और जनगणना अधिकारियों के मानदेय सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर खर्च की जा रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संसद में बताया कि हरियाणा में 611.92 किलोमीटर लंबाई की 23 राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 33,167.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
पूर्ण हो चुकी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं—
- दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे के 5 पैकेज
- इस्माइलाबाद–नारनौल कॉरिडोर के 8 पैकेज
- दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के 3 पैकेज
- द्वारका एक्सप्रेसवे
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
- अन्य राष्ट्रीय महत्व की सड़क परियोजनाएं
- इन परियोजनाओं से हरियाणा की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी बड़ा लाभ मिला है।
7 नई परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा निर्माण
केंद्र सरकार ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में 216.86 किलोमीटर लंबाई की 7 राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। इन पर लगभग 10,337.96 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं
- शामली–अंबाला कॉरिडोर के दो पैकेज
- करनाल रिंग रोड (करीब 96.42% कार्य पूर्ण)
- अंबाला रिंग रोड (करीब 88.77% कार्य पूर्ण)
- इस्माइलाबाद–अंबाला कॉरिडोर
- एनएच-152जी का जलभेड़ा–शाहाबाद ग्रीनफील्ड सेक्शन
- डीएनडी–सोहना–जेवर स्पर परियोजना
सरकार के अनुसार कई परियोजनाओं में 74 से 96 प्रतिशत तक निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। इससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादों का परिवहन आसान होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों के बीच यात्रा का समय भी घटेगा।
संसद में लगातार उठा रहे जनहित के मुद्दे
राज्यसभा सांसद संजय भाटिया लगातार संसद में हरियाणा और देश से जुड़े विकासात्मक मुद्दों को उठा रहे हैं। जनगणना-2027 और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी लेकर उन्होंने राज्य के विकास कार्यों की प्रगति को सदन के माध्यम से सार्वजनिक किया।