राजधानी चौपाल, भिवानी। हरियाणा का भिवानी जिला लंबे समय से देश की खेल प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। इसी जिले का धनाना गांव एक बार फिर चर्चा में है। कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 2026 में गांव की दो बेटियों साक्षी चौधरी ढांडा और प्रिया घनघस द्वारा पदक जीतने के बाद पूरे गांव में उत्सव का माहौल है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि ने न केवल गांव बल्कि पूरे हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।
धनाना को पहले से ही खेल प्रतिभाओं की धरती माना जाता रहा है। मुक्केबाजी, हैंडबाल, कबड्डी और एथलेटिक्स जैसे खेलों में यहां से अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यही कारण है कि खेल जगत में इस गांव को "मिनी क्यूबा" के नाम से भी जाना जाता है।
स्टेडियम नहीं, फिर भी हर दिन तैयार होते हैं सैकड़ों खिलाड़ी
धनाना में आधुनिक स्टेडियम नहीं है, लेकिन खेलों के प्रति युवाओं का जुनून किसी बड़े स्पोर्ट्स सेंटर से कम नहीं दिखता। गांव के वीर शहीद लख्मीचंद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और वीर शहीद हुकमीराम राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान रोज सुबह-शाम खिलाड़ियों से गुलजार रहते हैं।
यहां प्रतिदिन 500 से 600 खिलाड़ी विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं। अनुभवी कोचों के मार्गदर्शन और अनुशासित प्रशिक्षण के कारण गांव लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रहा है।
धनाना की पहचान बने ये दिग्गज खिलाड़ी
धनाना गांव ने देश को कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी और कोच दिए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- अर्जुन अवार्डी एवं पूर्व साई चीफ कोच भीम सिंह
- अर्जुन अवार्डी, भारतीय हैंडबाल टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच राममेहर सिंह
- भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पूर्व चीफ कोच भूपेंद्र सिंह
- अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज संदीप घनघस
- वर्ल्ड पुलिस गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट मुक्केबाज दर्शना
- अर्जुन अवार्डी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नीतू घनघस
- CWG 2026 पदक विजेता साक्षी चौधरी ढांडा
- CWG 2026 पदक विजेता प्रिया घनघस
हैंडबाल का राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है धनाना
गांव के वरिष्ठ हैंडबाल कोच फूल सिंह बताते हैं कि वर्ष 1998 में भारतीय सेना के स्वर्गीय कुलजीत सिंह शिपा ने गांव में हैंडबाल की शुरुआत की थी। उनके प्रयासों ने ऐसी मजबूत नींव रखी कि आज धनाना देश के प्रमुख हैंडबाल केंद्रों में गिना जाता है।
आज गांव से 55 से 60 अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी और करीब 450 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि लगभग 180 हैंडबाल खिलाड़ी सरकारी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं, जो गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
खेल संस्कृति बनी गांव की सबसे बड़ी ताकत
धनाना की आबादी लगभग 22 हजार है और यहां करीब 2,500 परिवार रहते हैं। गांव में तीन पंचायतें, दो वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तीन प्राथमिक विद्यालय और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।
गांव की विशेषता यह है कि यहां खेल केवल शौक नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं। परिवार, पंचायत, पूर्व खिलाड़ी और स्थानीय कोच मिलकर नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में लगातार सहयोग करते हैं। यही सामूहिक प्रयास धनाना को हर साल नए खिलाड़ियों की नर्सरी बना रहा है।
दो बेटियों की सफलता से पूरे गांव में जश्न
धनाना प्रथम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि कपिल शर्मा के अनुसार, राष्ट्रमंडल खेलों में गांव की दो बेटियों की ऐतिहासिक सफलता से तीनों पंचायतों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और गांव से भविष्य में भी कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।
धनाना एक नजर में
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| जिला | भिवानी |
| आबादी | लगभग 22,000 |
| परिवार | लगभग 2,500 |
| पंचायत | 3 |
| वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय | 2 |
| प्राथमिक विद्यालय | 3 |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | 1 |
| प्रतिदिन अभ्यास करने वाले खिलाड़ी | 500–600 |
| अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी | 55–60 |
| राष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी | लगभग 450 |
| सरकारी नौकरी पाने वाले हैंडबाल खिलाड़ी | लगभग 180 |