राजधानी चौपाल, हिसार। हरियाणा में हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गीत ‘कॉलेज वाली छोरी’ को लेकर विवाद गहराता (College aali chori) जा रहा है। इस बार मामला सीधे हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के सम्मान और छवि से जुड़ गया है। हिसार डिपो के कर्मचारियों ने गाने के कंटेंट पर गंभीर आपत्ति जताते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि गीत में कंडक्टरों को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे न केवल पूरे विभाग की छवि प्रभावित हुई है बल्कि समाज में सरकारी कर्मचारियों के प्रति गलत धारणा भी बन सकती है।
हिसार शहर थाना पुलिस को सौंपी गई शिकायत में कर्मचारियों ने कहा है कि यूट्यूब पर जारी कॉलेज आली छोरी गीत में रोडवेज कंडक्टरों के लिए आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि गीत के बोल केवल एक कर्मचारी वर्ग को निशाना नहीं बनाते, बल्कि कॉलेज जाने वाली छात्राओं और महिलाओं के प्रति भी अनुचित टिप्पणियां करते हैं, जो सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं।
College aali chori : रोडवेज कर्मचारियों के प्रति नकारात्मकता फैलने का डर
रोडवेज कर्मचारियों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित होने वाले गीत और मनोरंजन सामग्री का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में किसी भी पेशे, वर्ग या महिला समुदाय को नकारात्मक तरीके से प्रस्तुत करना समाज में गलत संदेश देता है। कर्मचारियों ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के हजारों कर्मचारी प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करते हैं। ऐसे में एक गीत के माध्यम से पूरे कर्मचारी वर्ग को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं माना जा सकता।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस गीत ने विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यशैली और ईमानदारी पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल खड़े किए हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों में नाराजगी है। उनका दावा है कि गाने के कारण उनकी बहन-बेटियों और परिवार की महिलाओं की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
College aali chori : कर्मचारियों ने की गाने को हटाने की मांग
कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित गीत को डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही गीत के लेखक, निर्देशक और गायक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी वर्ग या महिला समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित न हो सके।
रोडवेज कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेगा और सरकारी कर्मचारियों तथा महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करेगा। इस विवाद ने एक बार फिर मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ दी है कि क्या लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी पेशे या वर्ग की प्रतिष्ठा को निशाना बनाया जा सकता है।