राजधानी चौपाल, जेवर (गौतम बुद्ध नगर)। उत्तर प्रदेश अब केवल एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी और सोलर मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर में 8,200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एसएईएल (SAEL) के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत को सोलर उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगी और चीन समेत दूसरे देशों पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी।
जेवर बनेगा देश का सबसे बड़ा सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अगले कुछ वर्षों में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में जेवर की यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। यहां तैयार होने वाले सोलर सेल और मॉड्यूल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी भी बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति की है और उत्तर प्रदेश इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
5-5 गीगावाट क्षमता के सोलर सेल और मॉड्यूल होंगे तैयार
एसएईएल का यह अत्याधुनिक प्लांट शुरुआती चरण में 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल तैयार करेगा। आधुनिक TOPCon तकनीक पर आधारित यह संयंत्र देश में उच्च दक्षता वाले सोलर उपकरणों का निर्माण करेगा। इससे भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और निर्यात क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा।

20 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना से करीब 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। केवल प्लांट ही नहीं, बल्कि इसके आसपास एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और अन्य सहायक उद्योगों का भी तेजी से विकास होगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
2029-30 तक निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ करेगी कंपनी
एसएईएल ने घोषणा की है कि फिलहाल 8,200 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2029-30 तक बढ़ाकर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह निवेश केवल उद्योग नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में दीर्घकालिक योगदान होगा।
पीएम सूर्यघर योजना से लाखों परिवारों को फायदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में 6 लाख से अधिक परिवार अपने घरों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनके बिजली बिलों में लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सोलर ऊर्जा के माध्यम से 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है।
यूपी का लक्ष्य 20 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल उत्तर प्रदेश लगभग 6 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन कर रहा है, जिसे अगले दो से तीन वर्षों में बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों से पराली जलाने की बजाय उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचाने की अपील की। इससे कंप्रेस्ड बायोगैस और एथेनॉल का उत्पादन होगा तथा किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होगी।
देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बन चुका है। देश के कुल एथेनॉल उत्पादन में लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है। पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। सरकार अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।
जेवर बनेगा मल्टी सेक्टर इंडस्ट्रियल हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र केवल सोलर उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म सिटी, अपैरल सिटी, टॉय पार्क, विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय और देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे।