राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में WiFi राउटर घर और ऑफिस की सबसे जरूरी डिवाइसों में शामिल हो चुका है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, सीसीटीवी कैमरा और कई अन्य गैजेट्स इसी के माध्यम से इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। लेकिन अधिकांश लोग राउटर को एक बार चालू करने के बाद महीनों तक बंद या रीस्टार्ट नहीं करते, जिससे समय के साथ इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
अगर आपके घर का इंटरनेट अचानक धीमा चलने लगे, वीडियो बफर होने लगें या नेटवर्क बार-बार डिस्कनेक्ट हो रहा हो, तो इसकी एक वजह लंबे समय से राउटर का बिना रीस्टार्ट किए लगातार चलना भी हो सकती है।
क्यों कम हो जाती है राउटर की परफॉर्मेंस?
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, WiFi राउटर भी एक छोटे कंप्यूटर की तरह काम करता है। इसके अंदर प्रोसेसर, मेमोरी और ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर मौजूद होते हैं। लगातार 24 घंटे और कई दिनों तक चलने के कारण इसकी अस्थायी मेमोरी (टेम्पररी मेमोरी) में कई तरह का डेटा और बैकग्राउंड प्रोसेस जमा हो जाते हैं, जिससे डिवाइस की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
रीस्टार्ट करने से मिलते हैं कई फायदे
राउटर को रीस्टार्ट करने पर उसकी टेम्पररी मेमोरी साफ हो जाती है और सिस्टम नए सिरे से काम करना शुरू करता है। इससे नेटवर्क से जुड़ी कई छोटी-मोटी तकनीकी समस्याएं स्वतः दूर हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में राउटर रीस्टार्ट करने के बाद इंटरनेट की स्पीड बेहतर हो जाती है। साथ ही नेटवर्क कनेक्शन अधिक स्थिर रहता है और बार-बार आने वाली कनेक्टिविटी समस्याओं में भी कमी देखी जा सकती है।
कितने समय बाद करना चाहिए राउटर रीस्टार्ट?
तकनीकी जानकारों की सलाह है कि घरेलू WiFi राउटर को कम से कम महीने में एक बार जरूर रीस्टार्ट करना चाहिए। वहीं जिन घरों या कार्यालयों में इंटरनेट का उपयोग अधिक होता है और एक साथ कई डिवाइस नेटवर्क से जुड़े रहते हैं, वहां हर दो से तीन सप्ताह में राउटर को रीस्टार्ट करना बेहतर माना जाता है।
राउटर को समय-समय पर रीस्टार्ट करना एक छोटा लेकिन बेहद प्रभावी उपाय है। इससे न केवल इंटरनेट स्पीड में सुधार हो सकता है, बल्कि नेटवर्क की स्थिरता और डिवाइस की ओवरऑल परफॉर्मेंस भी बेहतर बनी रहती है।