Railway news : रेलवे का नया जल मिशन, रेलवे स्टेशनों पर लगेंगी हाईटेक AWG मशीनें

Railway news : रेलवे का नया जल मिशन, रेलवे स्टेशनों पर लगेंगी हाईटेक AWG मशीनें

राजधानी चौपाल, नई दिल्ली (Railway news)। देशभर के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को जल्द एक नई सुविधा मिलने जा रही है। अब ऐसे स्टेशन, जहां अक्सर पानी की कमी रहती है, वहां हवा से शुद्ध पीने का पानी तैयार किया जाएगा। इसके लिए भारतीय रेलवे ने “एटमॉस्फेरिक वाटर जेनरेटर” (AWG) तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

रेल मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन को निर्देश जारी किए हैं कि स्टेशनों, रेलवे अस्पतालों और स्टाफ कॉलोनियों में ऐसी आधुनिक मशीनें लगाई जाएं जो हवा में मौजूद नमी को सीधे पीने योग्य पानी में बदल सकें। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और पानी की समस्या से जूझ रहे इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।

Railway news : क्या है रेलवे का नया प्लान?

रेलवे की योजना के तहत उन स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पानी की उपलब्धता कम है या गर्मियों में संकट गहराता है। खास बात यह है कि यह तकनीक जमीन से पानी निकालने की बजाय वातावरण में मौजूद नमी का इस्तेमाल करती है।

एक एडब्ल्यूजी मशीन प्रतिदिन लगभग 1000 लीटर तक शुद्ध पानी तैयार कर सकती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में यात्रियों को स्टेशनों पर “वाटर एटीएम” की तरह ये मशीनें दिखाई देंगी, जहां सीधे साफ पेयजल उपलब्ध होगा।

Must Read स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का नया पैकेज, भारत आ रही MINI Countryman C स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का नया पैकेज, भारत आ रही MINI Countryman C

रेलवे बोर्ड के निदेशक अजय झा ने 15 मई को सभी जोन को इस तकनीक के विस्तार के लिए निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले सिकंदराबाद और मुंबई में इसका सफल ट्रायल किया जा चुका है। अब उत्तर मध्य रेलवे के शंकरगढ़, चुनार और चोपन जैसे स्टेशनों पर भी इसे लगाने की तैयारी है।

Railway news : कैसे काम करती है यह मशीन?

यह तकनीक विज्ञान के “कंडेनसेशन” यानी संघनन सिद्धांत पर आधारित है। ठीक उसी तरह जैसे ठंडी बोतल के बाहर पानी की बूंदें जम जाती हैं, वैसे ही यह मशीन हवा की नमी को पानी में बदल देती है।

मशीन की कार्यप्रणाली चार चरणों में पूरी होती है:

  • सबसे पहले हाई-पावर पंखे आसपास की नम हवा को मशीन के अंदर खींचते हैं।

    Also Read UPI New rule : गलत खाते में पैसे भेजने की टेंशन खत्म, UPI में आया नया नियम UPI New rule : गलत खाते में पैसे भेजने की टेंशन खत्म, UPI में आया नया नियम
  • इसके बाद फिल्टर हवा में मौजूद धूल और गंदगी को साफ करते हैं।

  • तीसरे चरण में हवा को बेहद ठंडी कूलिंग कॉइल्स से गुजारा जाता है, जिससे नमी पानी की बूंदों में बदल जाती है।

  • अंत में यूवी और कार्बन फिल्टर के जरिए पानी को बैक्टीरिया-मुक्त बनाया जाता है और उसमें कैल्शियम-मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल मिलाए जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक 30 प्रतिशत से अधिक नमी वाले क्षेत्रों में सबसे बेहतर परिणाम देती है।

यात्रियों और कर्मचारियों को होगा बड़ा फायदा

रेलवे का मानना है कि यह तकनीक दूर-दराज के स्टेशनों, रेलवे फाटकों और पानी संकट वाले इलाकों में तैनात कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। मशीनें बिजली से संचालित होंगी और 24 घंटे साफ पानी उपलब्ध करा सकेंगी।

इस पहल से न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी क्योंकि भूजल दोहन काफी हद तक कम हो सकेगा।

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद

विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में पानी संकट को देखते हुए ऐसी तकनीकें बेहद अहम साबित होंगी। AWG मशीनें पारंपरिक जल स्रोतों पर दबाव कम करने के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही हैं। रेलवे की यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

Rahul Hindustani

Rahul Hindustani

राहुल हिंदुस्तानी हरियाणा की पत्रकारिता में सक्रिय एक निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं। वे साप्ताहिक समाचार पत्र “राजधानी चौपाल” के संपादक एवं स्वामी हैं, जिसके माध्यम से वे आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों में सक्रिय राहुल हिंदुस्तानी जमीनी मुद्दों, प्रशासनिक मामलों और राजनीतिक गतिविधियों पर सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता की पहचान है—तथ्य आधारित खबरें, बेबाक अंदाज और जनहित को प्राथमिकता। “राजधानी चौपाल” आज एक भरोसेमंद उभरता हुआ मंच बन चुका है, जो स्थानीय खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ लोगों तक पहुँचाता है।

होम राज्य चुनें
Live TV Shorts
शॉर्ट न्यूज

Categories