राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग अब एक जरूरी सुविधा बन चुका है। टोल प्लाजा पर नकद भुगतान और लंबी कतारों से बचने के लिए हर वाहन पर फास्टैग होना अनिवार्य है। अच्छी बात यह है कि अब नया फास्टैग बनवाने के लिए किसी बैंक शाखा या एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। वाहन मालिक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और कुछ आसान प्रक्रियाओं के बाद फास्टैग सीधे उनके पते पर पहुंच जाता है।
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक पर आधारित होता है। इसे वाहन की फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, टोल शुल्क अपने आप लिंक्ड बैंक खाते या वॉलेट से कट जाता है। इससे यात्रा तेज, सुविधाजनक और कैशलेस बनती है।
Online FASTag 2026 : ऑनलाइन आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
नया फास्टैग बनवाने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है। आवेदन के दौरान इनकी डिजिटल कॉपी अपलोड करनी पड़ती है।
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वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
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पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या अन्य वैध पहचान पत्र
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पासपोर्ट साइज फोटो
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सक्रिय मोबाइल नंबर
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वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी
Online FASTag 2026 : घर बैठे ऐसे करें FASTag के लिए आवेदन
फास्टैग जारी करने के लिए कई बैंक और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवाएं प्रदान करते हैं। आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान है।
पहला चरण: किसी अधिकृत फास्टैग प्रदाता की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएं और ‘Apply for FASTag’ विकल्प चुनें।
दूसरा चरण: आवेदन फॉर्म में अपना नाम, मोबाइल नंबर, वाहन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें।
तीसरा चरण: आरसी और पहचान पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करें। अधिकांश प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन किया जाता है।
चौथा चरण: आवेदन शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट और शुरुआती रिचार्ज राशि का भुगतान करें। भुगतान यूपीआई, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है।
पांचवां चरण: प्रक्रिया पूरी होने के बाद फास्टैग कूरियर के माध्यम से आपके पते पर भेज दिया जाएगा।
Online FASTag 2026 : FASTag मिलने के बाद क्या करें?
फास्टैग प्राप्त होने पर इसे वाहन की फ्रंट विंडस्क्रीन के अंदर वाले हिस्से में सही स्थान पर चिपकाएं। सही तरीके से लगाए गए टैग को टोल प्लाजा के सेंसर आसानी से स्कैन कर लेते हैं। कई मामलों में टैग पहले से सक्रिय रहता है, जबकि जरूरत पड़ने पर इसे संबंधित बैंक या ऐप के माध्यम से वाहन नंबर और मोबाइल नंबर की सहायता से एक्टिवेट किया जा सकता है।
सफर होगा आसान और समय की होगी बचत
फास्टैग के उपयोग से टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे ईंधन की बचत होती है और यात्रा का समय भी कम लगता है। यही कारण है कि देशभर में इसे तेजी से अपनाया जा रहा है और अब ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ने इसे और भी आसान बना दिया है।