राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। Health News: गर्मियों में प्यास बुझाने और तुरंत ठंडक पाने के लिए अधिकांश लोग कोल्ड ड्रिंक (Cold drink) का सहारा लेते हैं। बाजारों में इसकी बिक्री भी इस मौसम में कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ मिनटों की ताजगी देने वाली यह ड्रिंक लंबे समय में शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक में मौजूद अत्यधिक चीनी, कैफीन, फॉस्फोरिक एसिड और कृत्रिम रसायन धीरे-धीरे शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करते हैं। नियमित सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
एक बोतल में छिपी होती है कई चम्मच चीनी
विशेषज्ञों के अनुसार करीब 330 मिलीलीटर की एक सामान्य कोल्ड ड्रिंक में लगभग 9 से 10 चम्मच चीनी होती है। इतनी अधिक मात्रा में चीनी शरीर में पहुंचते ही ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाती है। बार-बार ऐसा होने पर इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने लगता है और धीरे-धीरे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं। यही स्थिति आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
किडनी और ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है असर
डॉक्टरों के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कैफीन और अधिक शर्करा शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) बढ़ा सकते हैं। इससे बार-बार प्यास लगती है और किडनी को शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
इसके अलावा, अधिक शुगर के कारण इंसुलिन का स्तर बढ़ने पर शरीर में सोडियम जमा होने लगता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा रहता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर किडनी की महीन रक्त वाहिकाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
हड्डियां हो सकती हैं कमजोर, बढ़ सकता है पथरी का खतरा
विशेषज्ञ बताते हैं कि कोल्ड ड्रिंक में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड शरीर में कैल्शियम के संतुलन को प्रभावित करता है। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और लंबे समय में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही अतिरिक्त कैल्शियम मूत्र के माध्यम से बाहर निकलते समय किडनी में जमा होकर पथरी बनने की आशंका भी बढ़ा सकता है।
शरीर के कई अंगों पर पड़ता है नकारात्मक प्रभाव
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की डाइटिशियन डॉ. आराधना के अनुसार, कोल्ड ड्रिंक में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स, कृत्रिम फ्लेवर, अत्यधिक चीनी, कैफीन और फॉस्फोरिक एसिड का लगातार सेवन शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि यदि बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखना है तो कोल्ड ड्रिंक का सेवन जितना कम किया जाए, उतना ही अच्छा है।
किडनी के लिए "मीठा ज़हर" साबित हो सकती है कोल्ड ड्रिंक
गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण दुआ का कहना है कि नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक पीना किडनी के लिए "मीठे ज़हर" जैसा साबित हो सकता है। गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए कृत्रिम पेय पदार्थों की बजाय प्राकृतिक विकल्प अपनाने चाहिए।
गर्मियों में ये हैं बेहतर और सुरक्षित विकल्प
यदि आप शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कोल्ड ड्रिंक की जगह इन प्राकृतिक पेय पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें—
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नींबू पानी
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नारियल पानी
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छाछ
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सत्तू का शरबत
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ताजे फलों का रस (बिना अतिरिक्त चीनी)
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सादा पानी
ये पेय शरीर में पानी की कमी दूर करने के साथ-साथ आवश्यक मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी उपलब्ध कराते हैं।
निष्कर्ष
कोल्ड ड्रिंक कुछ मिनटों की ठंडक जरूर देती है, लेकिन इसका नियमित और अधिक सेवन लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। यदि आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहते हैं तो कृत्रिम शीतल पेयों की बजाय प्राकृतिक पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें। छोटी-सी यह आदत भविष्य में कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।