राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रहा, बल्कि यह हमारी निजी और पेशेवर जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग ऐप्स, महत्वपूर्ण दस्तावेज, फोटो, वीडियो और निजी जानकारी सब कुछ मोबाइल में सुरक्षित रहता है। ऐसे में बारिश के मौसम में अगर फोन अचानक पानी की चपेट में आ जाए, तो सबसे बड़ा डर डेटा और डिवाइस के खराब होने का होता है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, पानी लगने के बाद लोगों की जल्दबाजी ही अक्सर फोन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। सही कदम उठाकर न केवल फोन को बचाया जा सकता है, बल्कि उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डेटा भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
पानी लगते ही सबसे पहले क्या करें?
यदि आपका स्मार्टफोन बारिश में भीग गया है या पानी में गिर गया है, तो सबसे पहले उसे तुरंत बंद कर दें। यदि फोन अपने आप बंद हो चुका है, तो उसे दोबारा चालू करने की कोशिश न करें। ऐसा करने से अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसके बाद मोबाइल का कवर, सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड निकाल लें। फोन की बाहरी सतह को साफ और सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछें। चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर और अन्य खुले हिस्सों में मौजूद पानी को धीरे-धीरे बाहर निकलने दें।
फोन के अंदर की नमी कैसे हटाएं?
बाहरी हिस्सा सूखने के बाद भी फोन के अंदर नमी बनी रह सकती है। ऐसे में मोबाइल को सिलिका जेल पैकेट्स के साथ किसी एयरटाइट कंटेनर में 24 से 48 घंटे तक रखना बेहतर विकल्प माना जाता है। सिलिका जेल नमी को तेजी से सोख लेता है।
अगर सिलिका जेल उपलब्ध नहीं है, तो फोन को सूखे चावल से भरे डिब्बे में रख सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ सिलिका जेल को अधिक प्रभावी मानते हैं। फोन को पर्याप्त समय तक सूखने देना जरूरी है ताकि अंदर मौजूद पानी पूरी तरह खत्म हो सके।
भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां
1. हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें : कई लोग फोन सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का प्रयोग करते हैं, लेकिन इसकी गर्म हवा फोन के संवेदनशील पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। साथ ही पानी और अंदर तक पहुंच सकता है।
2. तुरंत चार्जिंग पर न लगाएं : गीले फोन को चार्ज करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। पूरी तरह सूखने से पहले चार्जर कनेक्ट करना नुकसानदायक हो सकता है।
3. फोन को जोर-जोर से न हिलाएं : मोबाइल को झटकने या जोर से हिलाने से पानी अन्य हिस्सों में फैल सकता है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।
4. बार-बार बटन दबाने से बचें : पावर और वॉल्यूम बटन बार-बार दबाने से पानी अंदर तक पहुंच सकता है। इसलिए फोन को सूखने तक बिना वजह ऑपरेट न करें।
कब लें सर्विस सेंटर की मदद?
यदि 48 घंटे बाद भी फोन चालू नहीं हो रहा है, स्क्रीन पर धुंध दिखाई दे रही है या स्पीकर और माइक्रोफोन सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, तो तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करना चाहिए। समय रहते जांच कराने से फोन और डेटा दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी लगने के बाद घबराने के बजाय सही तकनीकी सावधानी बरतना ही स्मार्टफोन को बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।