राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। मानसून शुरू होते ही खेतों, बाग-बगीचों और ग्रामीण इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। अच्छी बात यह है कि अब आधुनिक तकनीक लोगों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रही है। स्मार्टफोन पर उपलब्ध कुछ विशेष ऐप्स सांपों की संभावित मौजूदगी वाले क्षेत्रों की जानकारी, सुरक्षा संबंधी सलाह और आपातकालीन स्थिति में जरूरी दिशा-निर्देश देकर लोगों को पहले से सतर्क रहने में मदद कर रहे हैं।
कैसे काम करते हैं ये स्नेक सेफ्टी ऐप्स?
आजकल कई मोबाइल एप्लिकेशन GPS, लोकेशन डेटा और यूजर्स द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के आधार पर उन इलाकों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जहां हाल ही में सांप देखे जाने की सूचना मिली होती है। इनका उद्देश्य लोगों को संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों के बारे में पहले से सचेत करना है ताकि वे अतिरिक्त सावधानी बरत सकें।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि ये ऐप्स किसी जगह पर सांप होने की गारंटी नहीं देते, बल्कि उपलब्ध रिपोर्ट और डेटा के आधार पर संभावित जोखिम का संकेत देते हैं।
Big 4 Mapper क्या है?
Big 4 Mapper ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसे मूल रूप से दुनिया के सबसे खतरनाक चार जहरीले सांपों (ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र) की रिपोर्टिंग और मैपिंग के लिए विकसित किया गया था। यह यूजर्स की लोकेशन और रिपोर्ट्स के आधार पर उन स्थानों को मैप करता है, जहां सांप देखे गए हों।
अगर आपके क्षेत्र में इस तरह का डेटा उपलब्ध हो, तो ऐप आपको संभावित जोखिम वाले स्थानों की जानकारी दे सकता है। हालांकि इसकी उपयोगिता देश और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
सिर्फ अलर्ट ही नहीं, सांपों की पहचान में भी मदद
कई स्नेक सेफ्टी ऐप्स में विभिन्न प्रजातियों के सांपों की तस्वीरें, उनकी पहचान और व्यवहार से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। इससे लोगों को जहरीले और गैर-ज़हरीले सांपों के बीच का अंतर समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि किसी भी सांप की पहचान केवल मोबाइल ऐप के आधार पर करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
सांप काट ले तो क्या करें?
कुछ ऐप्स सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid) से जुड़ी जरूरी जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। इनमें आमतौर पर यह सलाह दी जाती है—
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घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें।
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प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं।
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किसी भी तरह का चीरा लगाने, जहर चूसने या झाड़-फूंक जैसे घरेलू उपायों से बचें।
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मरीज को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
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यदि संभव हो तो सांप की तस्वीर सुरक्षित दूरी से लें, लेकिन उसे पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें।
मानसून में रखें ये सावधानियां
बारिश के मौसम में खेत, घास, झाड़ियां और पानी भरे स्थान सांपों के छिपने की पसंदीदा जगह बन जाते हैं। ऐसे में बाहर निकलते समय लंबे जूते पहनें, रात में हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें और घर के आसपास झाड़ियों व कचरे को जमा न होने दें।
स्नेक सेफ्टी ऐप्स लोगों को जागरूक करने और संभावित खतरे की जानकारी देने में उपयोगी साबित हो सकते हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह भरोसेमंद सुरक्षा उपाय नहीं माना जा सकता। सबसे प्रभावी बचाव हमेशा सतर्कता, सावधानी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना ही है।