International UPI Payment : अब विदेश में भी चलेगा UPI, लेकिन पेमेंट से पहले जान लें ये जरूरी नियम

International UPI Payment : अब विदेश में भी चलेगा UPI, लेकिन पेमेंट से पहले जान लें ये जरूरी नियम

राजधानी चौपाल, नई दिल्ली। 
International UPI Payment : विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) तेजी से सबसे पसंदीदा भुगतान माध्यम बनता जा रहा है। अब पर्यटकों को विदेशी मुद्रा बदलवाने या अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की चिंता कम करनी पड़ रही है। भारतीय यात्री कई देशों में सीधे अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर रहे हैं, जिससे विदेश में खरीदारी और सेवाओं का भुगतान पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है।

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय इकाई विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों और भुगतान नेटवर्क के साथ साझेदारी कर रही है। इसका फायदा यह है कि विदेश में भुगतान करते समय ग्राहक को बिल स्थानीय मुद्रा में दिखाई देता है, लेकिन उसके भारतीय बैंक खाते से राशि सीधे भारतीय रुपये में ही कट जाती है। इससे करेंसी एक्सचेंज की जटिलता काफी हद तक खत्म हो जाती है।

International UPI Payment : इन देशों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा UPI

फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान और नेपाल जैसे देशों में UPI भुगतान सुविधा व्यापक रूप से उपलब्ध है। इन देशों के रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थलों और कई स्थानीय दुकानों पर भारतीय पर्यटक आसानी से UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं।

हालांकि अमेरिका और यूरोप के कई देशों में अभी यह सुविधा सीमित स्तर पर उपलब्ध है। वहां केवल कुछ चुनिंदा व्यापारिक प्रतिष्ठान ही UPI भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। NPCI लगातार नए देशों और व्यापारिक नेटवर्क के साथ समझौते कर इस दायरे को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

International UPI Payment : विदेश में UPI भुगतान की 2 लाख रुपये तक सीमा

विदेश में UPI इस्तेमाल करने से पहले इसकी भुगतान सीमा और नियमों को समझना बेहद जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट पेमेंट्स के लिए प्रतिदिन अधिकतम 2 लाख रुपये तक का लेनदेन किया जा सकता है। हालांकि वास्तविक सीमा संबंधित भारतीय बैंक और विदेशी मर्चेंट की नीतियों पर भी निर्भर कर सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी बड़े शोरूम, होटल या मॉल में भुगतान करने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वहां UPI स्वीकार किया जा रहा है या नहीं। साथ ही करेंसी कन्वर्जन शुल्क और अन्य संभावित चार्ज की जानकारी भी पहले ले लेनी चाहिए, ताकि भुगतान के समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

International UPI Payment : साइबर सुरक्षा को लेकर बरतें विशेष सावधानी

डिजिटल भुगतान को नकदी रखने की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है, लेकिन साइबर ठगी का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विदेश में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर UPI ट्रांजैक्शन करने से बचने की सलाह देते हैं। रेलवे स्टेशन, होटल, एयरपोर्ट या मॉल के फ्री वाई-फाई नेटवर्क पर वित्तीय लेनदेन जोखिम भरा हो सकता है।

यात्रियों को अपने मोबाइल में ट्रांजैक्शन अलर्ट और नोटिफिकेशन हमेशा सक्रिय रखने चाहिए। इसके अलावा बैंकिंग और भुगतान ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहना भी जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपना UPI पिन या OTP किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।

International UPI Payment : ट्रांजैक्शन फेल होने पर क्या करें?

यदि विदेश में भुगतान के दौरान आपके खाते से पैसा कट जाए लेकिन लेनदेन सफल न हो, तो सबसे पहले ट्रांजैक्शन का UTR (Unique Transaction Reference) नंबर नोट कर लें। इसके बाद तुरंत अपने बैंक और संबंधित भुगतान ऐप की ग्राहक सेवा से संपर्क करें। UTR नंबर के आधार पर शिकायत का निस्तारण तेजी से किया जा सकता है।

International UPI Payment : पूरी तरह डिजिटल पेमेंट पर निर्भर न रहें

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI का विस्तार अभी विकास के चरण में है। ऐसे में विदेश यात्रा के दौरान केवल डिजिटल भुगतान पर निर्भर रहना समझदारी नहीं होगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रियों को एक अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड के साथ कुछ मात्रा में स्थानीय नकदी भी अपने पास रखनी चाहिए।

UPI ने विदेशों में भारतीय यात्रियों के लिए भुगतान व्यवस्था को काफी आसान बना दिया है, लेकिन इसकी सीमाओं, सुरक्षा नियमों और वैकल्पिक भुगतान विकल्पों की जानकारी रखना भी उतना ही जरूरी है। इससे यात्रा के दौरान वित्तीय लेनदेन सुरक्षित और परेशानी मुक्त बने रहेंगे।

Rahul Hindustani

Rahul Hindustani

राहुल हिंदुस्तानी हरियाणा की पत्रकारिता में सक्रिय एक निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं। वे साप्ताहिक समाचार पत्र “राजधानी चौपाल” के संपादक एवं स्वामी हैं, जिसके माध्यम से वे आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों में सक्रिय राहुल हिंदुस्तानी जमीनी मुद्दों, प्रशासनिक मामलों और राजनीतिक गतिविधियों पर सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता की पहचान है—तथ्य आधारित खबरें, बेबाक अंदाज और जनहित को प्राथमिकता। “राजधानी चौपाल” आज एक भरोसेमंद उभरता हुआ मंच बन चुका है, जो स्थानीय खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ लोगों तक पहुँचाता है।

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